गाजियाबाद
कर्ज के जाल में फंसा परिवार
पति को बना दिया बंधुआ मजदूर, लाखों वसूलने के बाद भी नहीं थमा उत्पीड़न

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सूदखोर के जाल में फंसे एक परिवार के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला कोमल का कहना है कि 70 हजार रुपये के कर्ज के एवज में वह अब तक करीब साढ़े तीन लाख रुपये चुका चुकी है, इसके बावजूद कथित कर्ज माफिया लगातार अवैध रूप से वसूली करने का दबाव बना रहे हैं।जवाहर नगर कॉलोनी निवासी कोमल ने आरोप लगाया कि उसने करीब ढाई साल पहले शांतिनगर निवासी राजेश (पत्नी ब्रजपाल) से 70 हजार रुपये उधार लिए थे। शुरुआत में 2 प्रतिशत ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में मनमाने ढंग से ब्याज दर बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई। इतना ही नहीं, समय पर भुगतान न होने पर प्रतिदिन 500 रुपये की पेनल्टी भी जोड़ी जाने लगी।
पीड़िता के अनुसार, 15 अप्रैल को आरोपी उसके पति गुरमीत बेदी को हिसाब-किताब के बहाने अपने घर बुलाकर जबरन ले गए। 17 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति, जिसने खुद को भट्टे का मुनीम बताया, के फोन से गुरमीत से बात हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें जबरदस्ती भट्टे पर मजदूर का काम कराया जा रहा है।महिला ने इस मामले में 112 पर कॉल करने के साथ-साथ गुलाब वाटिका पुलिस चौकी में लिखित शिकायत भी दी है। आरोप है कि सूदखोर आरोपी घर पर आकर गाली-गलौज, धमकी और अभद्र व्यवहार करते रहते हैं, साथ ही जबरन उनका एक गैस सिलेंडर और चार चेक भी ले गए। जिनमें दो उनकी बहन के भी चैक है पीड़िता ने अपने पति की सकुशल बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायती पत्र भी दिया।बावजूद इसके, दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इस मामले को आपसी लेन-देन बताकर टालती नजर आ रही है, जबकि किसी व्यक्ति को बंधक बनाकर जबरन मजदूरी कराना गंभीर आपराधिक कृत्य है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्ज और सूदखोरी के दबाव में पहले भी कई परिवार गंभीर कदम उठा चुके हैं, ऐसे में प्रशासन की निष्क्रियता चिंताजनक है। अब देखना यह होगा कि पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।



