जालौन

स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन पर 17 नामजद सहित 50 पर एफआईआर

सपा, बसपा नेताओं ने पीड़ित परिवारों से भेंट कर न्याय दिलाने का दिलाया भरोसा

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
माधौगढ़ (जालौन)। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में बढ़ते विरोध के बीच लक्ष्मनपुरा वार्ड नंबर 4 में प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है। इस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। सपा और बसपा के स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
जानकारी के अनुसार, स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं में लंबे समय से आक्रोश है। गांव से लेकर शहर तक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन जारी हैं। लोगों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता और मनमानी के कारण आम आदमी का जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर सड़कों पर उतरना मजबूरी बन गया है। बुधवार को लक्ष्मनपुरा वार्ड की करीब 50 महिलाओं ने कथित रूप से स्मार्ट मीटर उखाड़कर चितौरा रोड पर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। लगभग छह घंटे तक यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंचे एडीएम संजय कुमार ने विद्युत विभाग के अधिकारियों एक्सीईएन व एसी के सामने समस्याओं के समाधान और संबंधित एसडीओ के खिलाफ जांच का आश्वासन दिया था। हालांकि प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सभासद अरविंद सिंह सेंगर समेत 17 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां एक ओर विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं होती, वहीं अपनी बात रखने पर आम जनता पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लाइन जोड़ने, बिल सुधार और अन्य कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की जा जाती रही है। पचोखरा (रामपुरा) निवासी सुनील चंसौलिया का ट्यूबवेल से संबंधित प्रकरण भी रिश्वत न देने के कारण जेई द्वारा लंबित बताया जा रहा है। ऐसे कई मामलों के बावजूद कार्रवाई न होने पर लोगों में आक्रोश है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर और बसपा प्रत्याशी आशीष पांडेय लक्ष्मनपुरा पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान आशीष पांडेय ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर दलित समाज को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के लोग कोतवाली का घेराव करते हैं तो पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन जब दलित समाज अपने उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाता है तो उनके ऊपर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने इसे न्याय के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह दोहरी नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आशीष पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे और हर स्तर पर इस मुद्दे को उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा दलितों, गरीबों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।
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