
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
हापुड़ – हापुड़ में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । अक्षय तृतीया रविवार की शाम को एक भव्य पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके बाद यह कार्यक्रम भैरव मंदिर के निकट स्थित भगवान परशुराम मंदिर में सर्व ब्राह्मण समाज की सहभागिता से संपन्न हुआ ।
आज अक्षय तृतीया के शुभ अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचोपचार पूजन किया गया। इस दौरान गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए गए। कार्यक्रम में पंडित अखिलेश शर्मा जी ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके अवतार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूजन किया । उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु जी का छठा अवतार माना जाता है।
अखिलेश पंडित जी के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र के रूप में हुआ था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ऋषि जमदग्नि के पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न होकर देवराज इंद्र ने वीर संतान का वरदान दिया था, जिसके फलस्वरूप पुनर्वसु नक्षत्र में परशुराम जी का अवतार हुआ। लेकिन ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बावजूद परशुराम जी में क्षत्रिय गुण विद्यमान थे। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या से परशु ( फ़रसा ) प्राप्त किया और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अधर्म का नाश किया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । इस कार्यक्रम में शोभायात्रा निकाली गई जिसमें विभिन्न झांकियां भी निकाली गई जो फ्रीगंज रोड , रेलवे रोड होते हुए अतरपुरा से भगवान परशुराम के मंदिर पर जाकर समाप्त हुई ।




