
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खोखरी नदी के जीर्णोद्धार को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी ऊन विनय प्रताप सिंह भदौरिया ने राजस्व टीम (लेखपाल नागेंद्र व श्यामबीर) के साथ चौसाना पहुंचकर लक्ष्मीपुरा से सकौती तक नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी पर हुए अवैध कब्जों को गंभीरता से लिया।उपजिलाधिकारी भदौरिया की हाल ही में तैनाती हुई है। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को समझने और नदी के पुनर्जीवन के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर नदी की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और जीर्णोद्धार कार्य को गति देने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की।
इससे पहले जिलाधिकारी आलोक यादव ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर खोखरी नदी के जीर्णोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। अब आगामी तीन मई को जिलाधिकारी एक बार फिर संबंधित विभागों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के बाद सहारनपुर और शामली प्रशासन नदी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटा हुआ है। इसी के तहत चौसाना और सकौती के परिवारों को कब्जा मुक्त करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं।हालांकि, पहले इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती के बाद कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासनिक सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खोखरी नदी के जीर्णोद्धार को लेकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।


