बरेली
मुंडिया अहमदनगर में गरजा प्रशासन का बुल्डोजर, श्मशान का रास्ता कराया मुक्त
मजार और अवैध दीवारें ढहाकर खोला चकमार्ग; बीडीए ने अवैध कॉलोनी भी की ध्वस्त

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : थाना इज्जतनगर के गांव मुंडिया अहमदनगर (मजरा खेड़ा) में वर्षों से श्मशान भूमि के रास्ते पर काबिज अतिक्रमण को सोमवार को प्रशासन ने बुल्डोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। बरेली-पीलीभीत हाईवे किनारे मजार और दीवारों की आड़ में बंद किए गए इस रास्ते को खुलवाने के लिए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने लंबा संघर्ष किया था, जिसके आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। मुंडिया अहमदनगर में श्मशान भूमि जाने वाले सरकारी चकमार्गों पर एक निजी कॉलेज और कुछ लोगों ने मकान बना लिए थे। हद तो तब हो गई जब हाईवे किनारे रास्ते पर मजार बनाकर उसे पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। ग्रामीण सालों से निजी खेतों से होकर शव ले जाने को मजबूर थे। हाल ही में एक अंत्येष्टि के दौरान रास्ता रोके जाने पर काफी कहासुनी हुई, जिससे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। इस मुद्दे को लेकर भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी, अर्जुन यादव और राधेश्याम ने आर-पार की लड़ाई शुरू की थी। संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद सोमवार को प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा। नायब तहसीलदार विदित कुमार, कानूनगो जगदीश गंगवार, लेखपाल योगेंद्र कुमार व अनिल कुमार की मौजूदगी में बुल्डोजर ने कब्रिस्तान की दीवार और मजार के पास किए गए अवैध निर्माण को तोड़कर श्मशान का रास्ता साफ कर दिया।
सुरक्षा के बीच चला पीला पंजा कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरियर टू चौकी प्रभारी मोहित कुमार और एसआई रोहन राणा भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। इस दौरान ग्राम प्रधान धर्मेंद्र पटेल और कोटेदार मनोहर लाल भी मौजूद रहे।




