
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में एसपी मो. मुश्ताक ने गूगल मीट के माध्यम से जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और शाखा प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने आईजीआरएस पोर्टल और प्रार्थना पत्रों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जनशिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का शत-प्रतिशत समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। एसपी ने डायल-112 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करने, पीआरवी टीमों को समय पर मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद के सभी थानों पर तैनात प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों को बीट व्यवस्था, यक्ष एप, यातायात प्रबंधन तथा थाना संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए। बैठक के दौरान महिला अपराधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर, गुंडा प्रवृत्ति के अपराधियों, माफिया, वांछित अभियुक्तों और इनामिया अपराधियों की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, पशु तस्करी और चोरी, लूट, डकैती एवं झपटमारी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी थाना और चौकी प्रभारियों को नियमित जनसुनवाई करने, क्षेत्र में भ्रमणशील रहने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रतिदिन वाहन चेकिंग अभियान चलाने और आमजन से यातायात नियमों का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में एसपी मो. मुश्ताक ने स्पष्ट किया कि जिन निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों द्वारा जनशिकायतों एवं आईजीआरएस के मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक की इस सख्ती के बाद पुलिस महकमे में जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर गंभीरता बढ़ गई है।



