भरत पुर
बादशाह की हौंद मोंक्ष नाम में भागवत कथा के छटवा दिन
कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग पर श्रद्वालुओं ने बरसाए फूल

कन्यादान कर दिया बेंटियों की शिक्षा पर जोर
भुसावर : भरतपुर जिले के एतिहासिक शहरों में शामिल भुसावर कस्बे में पहली बार सुहारी सड़क मार्ग स्थित बादशाह की हौद मोक्ष धाम में पितृ आह्वान में संकल्प हेतु समस्त कस्बावासियों और आयोजक श्री ठाकुर ठाकुरानी के नेतृत्व में आयोजित की जा रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में आज 12 मई मंगलवार को छठवें दिन श्री कृष्ण रुक्मणी का विवाह हुआ। जहां भागवत कथा के कथा वाचक पण्डित पुष्पेन्द्र मिश्र ने अपने मुखारबिन्द से पंच अध्याय का वर्णन किया। और उन्होंने कहा कि महारास पांच अध्याय है।उनमें गाये जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है,जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भव से पार हो जाता है। वहीं कथा वाचक ने कथा में भगवान श्री कृष्ण का मथुरा प्रस्थान,कंस वध,महर्षि संदीपनी के आश्रम में विधा ग्रहण करना,द्वारका स्थापना,रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भाव पूर्ण पाठ किया। वहीं भागवत कथा में छठवें दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह के स्वरुप झांकी ने उपस्थित सैकडों श्रद्दालुओं खूब आनंदित किया। जहां भागवत कथा में मौजूद श्याम भक्तों ने कृष्ण रुक्मणी के स्वरुप में झांकी के दर्शन कर पग धोकर कन्यादान करते हुए भगवान से परिवार में सुख,शांति,समृद्धि की मनोकामनाएं मांगी गई ।



