ट्रेड यूनियनों ने चार लेबर कोड को नकारा, देश व्यापी संघर्ष का ऐलान।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। भारत सरकार के द्वारा चार लेबर कोड के नियमों की अधिसूचना के बाद से झारखंड में भी देशव्यापी विरोध की लहर तेज हो गई है। कार्य स्थलों पर विरोध प्रदर्शन एवं कोड के नियमों की प्रतियों को जलाने का सिलसिला जारी है।
झारखंड में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा ने 12 मई को राज्यव्यापी आक्रोश दिवस मनाने का निर्णय लिया था। संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के इसी राज्यव्यापी आह्वान के तहत सीसीएल के कथारा क्षेत्र अंतर्गत स्वांग वाशरी में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के नेतृत्व में चार लेबर कोड के नियमों की अधिसूचना जारी किए जाने के खिलाफ पीट मीटिंग की गई। इस पीट मीटिंग की अध्यक्षता मजदूर नेता सुधीर सिंह ने किया। पीट मीटिंग को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य कमेटी सदस्य -सह- एनसीओईए (सीटू) के स्वांग वाशरी शाखा सचिव राकेश कुमार ने कहा अभी हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद
08 मई 2026 को भारत सरकार द्वारा चार लेबर कोड के नियमों कु अधिसूचना जारी कर यह साबित कर दिया है कि भारत सरकार मजदूर विरोधी है। उन्होंने कहा भारत सरकार का यह कदम श्रमिक वर्ग के बुनियादी अधिकारों पर सीधा हमला है और लोकतांत्रिक मूल्यों की खुली हत्या के बराबर है। उन्होंने कहा इस लेबर कोड के लागू हो जाने से यूनियन बनाने और प्रबंधन के साथ बारगेनिंग क्षमता में कमी आएगी। पीट मीटिंग में उपस्थित यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन
(एटक) के स्वांग वाशरी शाखा सचिव बलराम नायक ने कहा यह चार लेबर कोड अब मजदूर आंदोलन को खत्म कर देगा, स्थाई प्रवृत्ति के कामों में ठीका और आउटसोर्सिंग कर्मियों को लगाया जाएगा, 08 घंटे की जगह 12 घंटे मजदूरों से कम लिया जाएगा। पूरा उद्योग मलिक के मुनाफे के लिए चलेगा। अब वक्त आ गया है मजदूरों को सरकार की इस मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ आर-पार की लड़ाई में आना होगा।
इस कार्यक्रम में हृदय नारायण, जगदीश नोनिया, शेखर, रविशंकर प्रजापति, फिरोज मियां, सोबिया देवी, संतोष मोदी, अब्दुल लतीफ, समेत दर्जनों लोग शामिल थे।




