गाजियाबाद
इंसाफ नहीं मिला तो चौकी पर करूंगा आत्मदाह
लोनी पुलिस पर जीआरपी हेड कांस्टेबल का गंभीर आरोप

पांच दिन में मुकदमा दर्ज न होने पर चिरोडी चौकी में आत्मदाह की चेतावनी, पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप।
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शामली जनपद में जीआरपी में तैनात हेड कांस्टेबल सुभाष बंसल ने लोनी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वह पुलिस चौकी चिरोडी पर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
पीड़ित सुभाष बंसल का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने प्लॉट खरीदने की रंजिश में पहले उनके परिवार के साथ अभद्रता और मारपीट की, लेकिन पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि 9 मई को आरोपियों ने उनके परिजनों के साथ गाली-गलौज और धमकी की घटना को अंजाम दिया था। उस समय उनकी पत्नी ने चिरौड़ी चौकी में जाकर लिखित में अपनी शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने मामला इस मामले को दबाए रखा।
इसके बाद 13 मई को आरोपियों ने कथित तौर पर घर में घुसकर सुभाष बंसल और उनके भाई सुरेन्द्र पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सुभाष के सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगे, जबकि उनके भाई का हाथ फ्रैक्चर हो गया। दोनों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। सुभाष बंसल ने आरोप लगाया कि लोनी पुलिस के चौकी प्रभारी इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय उल्टे समझौते का दबाव बना रहे हैं।
एक तरफ सरकार पुलिस को जनता की सुरक्षा और न्याय का जिम्मा सौंपती है, वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस विभाग का कर्मचारी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ऐसे में लोनी पुलिस की निष्क्रियता और कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।



