कोलकाताराजनीतिराष्ट्रीय

वियतनाम और दक्षिण कोरिया दौरे पर राजनाथ सिंह

भारत की रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

कोलकाता । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की रक्षा साझेदारी को मजबूत करना, रणनीतिक सैन्य सहयोग बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि वे हनोई पहुंचकर इस यात्रा की शुरूआत करेंगे और दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा फोकस-रक्षा मंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान उनका ध्यान विशेष रूप से रक्षा सहयोग, सैन्य साझेदारी और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत, वियतनाम और दक्षिण कोरिया के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को और विस्तार देना चाहता है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी में लगातार मजबूती-हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ माना था। दोनों देशों ने रक्षा नीति संवाद, संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग, नौसेना बंदरगाह दौरे, रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा भारत द्वारा दिए गए रक्षा ऋण लाइनों के तहत वियतनाम की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी प्रगति हुई है।
दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी
भारत और दक्षिण कोरिया ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाया है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र और नियम आधारित बनाए रखने के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं। इस साझेदारी के तहत रक्षा उद्योग, उभरती तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने की योजना है। राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत रणनीति को और मजबूती देगा। इससे क्षेत्रीय देशों के साथ भारत की रक्षा साझेदारी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
शुभेंदु सरकार के पांच बड़े फैसले: महिलाओं को 3000 रुपये की सहायता, सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का दिया तोहफा
कोलकाता। बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार सत्ता संभालने के बाद से ही ताबड़तोड़ बड़े फैसले ले रही है। इसी के तहत शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में अन्नपूर्णा योजना, महिलाओं के लिए बस में मुफ्त यात्रा और सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी जैसे बड़े फैसले लिए हैं।
बंगाल की शुभेंदु सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बैठक के बाद सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की मंजूरी दी है। साथ ही सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है।
शुभेंदु सरकार के पांच बड़े फैसले क्या हैं?
बंगाल में अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
राज्य सरकार ने 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को भी मंजूरी दे दी है।
पॉल ने बताया कि राज्य कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
राज्य मंत्रिमंडल ने जून महीने से धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद करने का भी फैसला किया है।
नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करने वाले लोगों को अन्नपूर्णा योजना का लाभ दिया जाएगा।
पहली कैबिनेट बैठक में भी शुभेंदु सरकार ने लिए थे बड़े फैसले-शुभेंदु सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भी कई बड़े फैसले लिए थे, जिनमें स्कूलों में नौकरीवियतनाम और दक्षिण कोरिया दौरे पर राजनाथ सिंह, भारत की रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
कोलकाता । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की रक्षा साझेदारी को मजबूत करना, रणनीतिक सैन्य सहयोग बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि वे हनोई पहुंचकर इस यात्रा की शुरूआत करेंगे और दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा फोकस-रक्षा मंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान उनका ध्यान विशेष रूप से रक्षा सहयोग, सैन्य साझेदारी और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत, वियतनाम और दक्षिण कोरिया के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को और विस्तार देना चाहता है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी में लगातार मजबूती-हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ माना था। दोनों देशों ने रक्षा नीति संवाद, संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग, नौसेना बंदरगाह दौरे, रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा भारत द्वारा दिए गए रक्षा ऋण लाइनों के तहत वियतनाम की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी प्रगति हुई है।
दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी
भारत और दक्षिण कोरिया ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाया है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र और नियम आधारित बनाए रखने के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं। इस साझेदारी के तहत रक्षा उद्योग, उभरती तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने की योजना है। राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत रणनीति को और मजबूती देगा। इससे क्षेत्रीय देशों के साथ भारत की रक्षा साझेदारी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
शुभेंदु सरकार के पांच बड़े फैसले: महिलाओं को 3000 रुपये की सहायता, सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का दिया तोहफा
कोलकाता। बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार सत्ता संभालने के बाद से ही ताबड़तोड़ बड़े फैसले ले रही है। इसी के तहत शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में अन्नपूर्णा योजना, महिलाओं के लिए बस में मुफ्त यात्रा और सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी जैसे बड़े फैसले लिए हैं।
बंगाल की शुभेंदु सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बैठक के बाद सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की मंजूरी दी है। साथ ही सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है।
शुभेंदु सरकार के पांच बड़े फैसले क्या हैं?
बंगाल में अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
राज्य सरकार ने 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को भी मंजूरी दे दी है।
पॉल ने बताया कि राज्य कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
राज्य मंत्रिमंडल ने जून महीने से धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद करने का भी फैसला किया है।
नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करने वाले लोगों को अन्नपूर्णा योजना का लाभ दिया जाएगा।
पहली कैबिनेट बैठक में भी शुभेंदु सरकार ने लिए थे बड़े फैसले-शुभेंदु सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भी कई बड़े फैसले लिए थे, जिनमें स्कूलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के लिए उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने की मंजूरी देना भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान इसका वादा किया था और शुभेंदु सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में इसकी मंजूरी दे दी थी।
साथ ही राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की मंजूरी भी दी गई है। इस योजना को पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लागू करने से मना कर दिया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान करती है। अब बंगाल के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
शुभेंदु सरकार ने बांग्लादेश की सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन देने के फैसले को भी मंजूरी दी। बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिहाज से सरकार का यह फैसला बेहद अहम है। सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन देने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है और इसे 45 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।
शुभेंदु सरकार ने बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को भी औपचारिक रूप से लागू करने का फैसला लिया है। पिछली ममता बनर्जी सरकार ने इसे लागू करने से मना कर दिया था।
बंगाल सरकार ने जनगणना से संबंधित गृह मंत्रालय के जून 2025 के परिपत्र तत्काल लागू करने का भी आदेश दिया है, जिन्हें पिछली सरकार ने नजरअंदाज किया था। के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के लिए उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने की मंजूरी देना भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान इसका वादा किया था और शुभेंदु सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में इसकी मंजूरी दे दी थी।
साथ ही राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की मंजूरी भी दी गई है। इस योजना को पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लागू करने से मना कर दिया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान करती है। अब बंगाल के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
शुभेंदु सरकार ने बांग्लादेश की सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन देने के फैसले को भी मंजूरी दी। बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिहाज से सरकार का यह फैसला बेहद अहम है। सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन देने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है और इसे 45 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।
शुभेंदु सरकार ने बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को भी औपचारिक रूप से लागू करने का फैसला लिया है। पिछली ममता बनर्जी सरकार ने इसे लागू करने से मना कर दिया था।
बंगाल सरकार ने जनगणना से संबंधित गृह मंत्रालय के जून 2025 के परिपत्र तत्काल लागू करने का भी आदेश दिया है, जिन्हें पिछली सरकार ने नजरअंदाज किया था।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button