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नीट पेपर लीक‘ पर गरजे तेजस्वी यादव

बोले- 'सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है'

पटना। नीट -यूजी 2026 पेपर लीक मामले में नीट पेपर नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्ट व्यक्तियों और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह एक आवर्ती समस्या है, जिसमें पहले भी किसी वरिष्ठ अधिकारी या भाजपा नेता को जवाबदेह नहीं ठहराया गया, जिससे व्यवस्था की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठते हैं।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को नीट पेपर 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट व्यक्तियों और अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं नई नहीं हैं और बिहार में भी ये पहले कई बार हो चुकी हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार के शासन में भ्रष्ट लोगों को संरक्षण दिया जाता है और अपराधियों को पनाह दी जाती है। यह पहली बार नहीं है जब नीट का पेपर लीक हुआ है। बिहार में भी पेपर लीक की घटनाएं बार-बार हो चुकी हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं के संबंध में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या भाजपा नेता को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी वरिष्ठ अधिकारी को और न ही किसी भाजपा नेता को सजा मिली है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।
इससे पहले, रविवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने पर कहा कि ठएएळ 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई ने जांच शुरू की। एक समिति गठित की गई। नीट पेपर 2026: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने अभी भी इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर से जांच कर रही है। एक और समिति गठित की जाएगी। मोदी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है – उनका जवाब दीजिए! बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? इस ‘परीक्षा पेपर विवाद’ पर आप बार-बार चुप क्यों हैं? बार-बार असफल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं?
इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और आगे की जांच के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी। मंधारे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के पैनल का हिस्सा हैं और परीक्षा प्रक्रिया के लिए विशेषज्ञ और अनुवादक के रूप में काम करती थीं।

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