पाकुड़

छात्र-विरोधी ‘क्लस्टर सिस्टम’ के खिलाफ ABVP का 24 घंटे का अल्टीमेटम, कल K.K.M. कॉलेज में होगा विशाल प्रदर्शन

ABVP issues 24-hour ultimatum against anti-student 'cluster system', massive protest to be held tomorrow at K.K.M. College

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पाकुड़ इकाई ने झारखंड सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू किए जा रहे ‘क्लस्टर सिस्टम’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिषद ने इसे छात्र-विरोधी बताते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने इस व्यवस्था को वापस नहीं लिया, तो कल दोपहर 1:00 बजे K.K.M. कॉलेज में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत विशाल प्रदर्शन किया जायेगा। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा सुधार के नाम पर लागू किया जा रहा क्लस्टर सिस्टम गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण कॉलेजों में वर्षों से संचालित UG और PG के कई विषय बंद हो जाएंगे, जिससे छात्रों के पास पढ़ाई के सीमित विकल्प बचेंगे। उन्होंने कहा कि क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली के तहत छात्रों को अलग-अलग कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। खासकर छात्राओं की सुरक्षा और आवागमन की समस्या के कारण उच्च शिक्षा से उनका जुड़ाव कमजोर पड़ सकता है और ड्रॉपआउट रेट बढ़ने की आशंका है। एबीवीपी ने B.Ed, BBA और BCA जैसे रोजगारपरक कोर्सों को सेल्फ-फाइनेंस मोड में संचालित किए जाने पर भी सवाल उठाया। परिषद का कहना है कि इससे शिक्षा का व्यवसायीकरण बढ़ेगा और गरीब व मेधावी छात्र इन पाठ्यक्रमों से वंचित हो जाएंगे। संगठन ने शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति के बजाय साझा शिक्षक पूल और प्रशासनिक कार्यों के निजीकरण का भी विरोध किया। वहीं, जिला जनजाति प्रमुख चंदन पहाड़िया ने कहा कि क्लस्टर सिस्टम के कारण क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं जैसे संथाली, पहाड़िया, बांग्ला, ओड़िया, मैथिली और उर्दू विभागों को बंद या मर्ज किए जाने की आशंका है। उन्होंने इसे स्थानीय भाषाई और सांस्कृतिक पहचान पर हमला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग केंद्रों से क्रेडिट मिलने के कारण भविष्य में डिग्री सत्यापन और दस्तावेज़ जांच में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे छात्रों के रोजगार और छात्रवृत्ति पर असर पड़ेगा। अंत में एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने 24 घंटे के भीतर क्लस्टर सिस्टम वापस नहीं लिया, तो कल दोपहर 1:00 बजे K.K.M. कॉलेज में छात्र आंदोलन के तहत ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और कॉलेज प्रशासन की होगी।

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