रूपामणि गढ़ ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
असम के लखीमपुर की बेटी ने दिखाई अडिग इच्छा शक्ति का जीत।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : अडिग इच्छा-शक्ति और एकाग्रता से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। यही संदेश देते हुए असम के लखीमपुर की युवा आरोही रूपामणि गढ़ ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे ऊंचे माउंट एवरेस्ट की चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराया। 14 सदस्यीय भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के पर्वतारोहण दल में शामिल रूपामणि ने दल की पहली सदस्य के रूप में एवरेस्ट की शिखरस्थल पर कदम रखकर इतिहास रचा। नागरिकी तौर पर लखीमपुर जिले के कदम क्षेत्र के न-गांव पथार निवासी रूपामणि गढ़, किसानों जय सिंह गढ़ और कमलावती गढ़ की दूसरी बेटी हैं। उन्होंने 2020 में ITBP में प्रवेश किया और वर्तमान में हरियाणा में तैनात हैं। ITBP द्वारा आयोजित विशेष पर्वतारोहण अभियान के लिए चुनी गई रूपामणि ने कड़ी प्रशिक्षण और तैयारी के बाद नेपाल पार कर दल के साथ एवरेस्ट अभियान में भाग लिया। सूचना के अनुसार, शुक्रवार सुबह दल ने शिखर पर सफलतापूर्वक आरोहण कर लिया। रूपामणि ने शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराया और वहां से सुरक्षित रूप से बेस कैंप तक वापसी की। बेस कैंप पहुँचने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता को इस सफलता की खुशी भरी खबर दी। सीमित संसाधनों के बीच खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता के लिए बेटी का यह उपलब्धि गर्व एवं भावुकता से भरा क्षण साबित हुआ। वर्तमान में रूपामणि और उनकी टीम बेस कैंप में सुरक्षित हैं। एजेंसी की ओर से बताया गया है कि आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद सभी सदस्य अपने-अपने कार्यस्थल लौटेंगे। लखीमपुर की इस बेटी की सफलता ने पूरे असम व राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है और यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।


