गाजियाबाद
आउटसोर्सिंग ,संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मुख्यमंत्री से मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद। नगर पालिका परिषद लोनी सहित प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में वर्षों से कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के नियमितीकरण और विधिक सुरक्षा की मांग को लेकर अधिवक्ताओं द्वारा माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम सम्बोधित पत्र द्वारा मांग ।
ज्ञापन पत्र में लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में दिया गया। ज्ञापन में नगर निकायों में कार्यरत सफाई, जलकल, बिजली, बागवानी, लेखा, प्रशासनिक, डाटा एंट्री, ड्राइवर एवं तकनीकी कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन पत्र में मांग की गई है कि वर्ष 2006 से संविदा एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हजारों कर्मचारी पिछले 8 से लेकर 20 वर्षों से लगातार नगर निकायों की मूलभूत सेवाओं को लगातार संचालित कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिसके चलते कर्मचारियों को कम वेतन, नौकरी की असुरक्षा, पेंशन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, ईएसआई एवं चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। साथ ही ठेकेदारी प्रथा के कारण वेतन में कटौती होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो रही है।
सम्मानित अधिवक्ताओं ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की कि प्रदेश के सभी नगर निकायों में कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित कुशल कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतनमान, डीए, भत्ते, पेंशन, चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधा एवं सविधान द्वारा मानवीय अधिकारों को लागू कर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
ज्ञापन पत्र में कर्मचारियों के परिवारों के लिए निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा, महिलाओं को मातृत्व अवकाश तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं प्रदान करने की मांग उठाई गई। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से तीन माह के भीतर इनके नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर समयबद्ध शासनादेश जारी करने का भी अनुरोध किया गया।
इस अवसर पर सम्मानित अधिवक्ताओं ने कहा कि नगर निकायों के संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारी शहरी विकास, स्वच्छता एवं जनजीवन की व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाना आवश्यक है। प्रतिनिधि मंडल में एडवोकेट सुशील डेनियल, कामना सिंह, जयदीप सिंह,श्रीमति बबीता तोमर, वेद पाल सिंह, हरीश आदि शामिल थे



