बालाघाट

भरवेली  सरपंच के खिलाफ अविश्वास

 एसडीएम कार्यालय में पेश किया अविश्वास पत्र

 चुनाव कराकर पंचों में से चुना जाए नया सरपंच
धारा 40 के तहत सरपंच को हटाने की लगाई गुहार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) :  बालाघाट।जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भरवेली में सरपंच श्रीमती गीता अनिल बिसेन के तख़्ता पलट की बिसात बिछा दी गई है।जहां भरवेली पंचायत के एक मात्र पंच को छोड़कर, उपसरपंच सहित अन्य सभी पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास जाते हुए, एसडीएम कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया है।सोमवार की देर शाम एसडीएम कार्यालय में सौपे गए इस अविश्वास प्रस्ताव में पंचायत के कुल 21 पंचों में से 19 पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर आविश्वास प्रस्ताव एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया ।जिसमें उन्होंने सरपंच और उनके पति पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिफिकेशन जारी कर जल्द से जल्द पंचायत के पंचों के बीच चुनाव कराकर नया सरपंच बनाने की मांग की, तो वहीं उन्होंने पूर्व से लंबित विभिन्न शिकायतों का हवाला देते हुए सरपंच गीत अनिल बिसेन को धारा 40 की कार्यवाही के तहत पद से पृथक किए जाने की भी गुहार लगाई है।
 *नौतपा की तरह चढ़ रहा भरवेली राजनीति का पारा*
भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए नौतपा के साथ-साथ अब ग्राम पंचायत भरवेली की राजनीति का पारा भी सातवे आसमान पर है। एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर 21 में से 19 पंचों के हस्ताक्षर होते ही भरवेली पंचायत का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो चुका है।जहां उपसरपंच सहित 19 पंचो ने एक स्वर में भरवेली सरपंच के खिलाफ अविश्वास जताते हुए उन्हें पद से हटाने, और जल्द से जल्द पंचों के बीच आंतरिक चुनाव कराकर नया सरपंच का चुनाव करने की मांग की है।आपको बताएं की यह पहली बार नहीं है जब पंचों ने सरपंच के खिलाफ बगावत की हो,बल्कि निर्वाचित सरपंच, उप सरपंच और सत्ता पक्ष व विपक्षी पंचो के बीच पिछले 3 वर्षो से कुछ ऐसा ही विवाद देखने को मिल रहा है।जो थमने की जगह लगातार बढ़ता जा रहा है।जहां आए दिनों सरपंच व उपसरपंच सहित अन्य पंचो के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।जिसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ,एक दूसरे का जमकर विरोध कर रहे है।पिछले कुछ महीनो से चल रही इन्हीं गतिविधियों के बीच सोमवार की देर शाम 21 में से 19 पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए एसडीएम कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव सौपते हुए, पंचों के बीच आपसी चुनाव कराकर, सरपंच गीता बिसेन को पद से हटाने और गांव के विकाश के लिए नया सरपंच नियुक्त किए जाने की मांग की है ।
 *इन मुद्दों पर जताई असहमति, मांगा हिसाब* 
ग्राम पंचायत भरवेली के 19 पंचों द्वारा सरपंच के खिलाफ अविश्वास जताते हुए ग्राम पंचायत भरवेली द्वारा कराए गए निर्माण कार्यो में करोड़ो रु का हिसाब देने, मॉयल से पंचायत को प्राप्त टैक्स की राशि का ब्यौरा प्रस्तुत करने,ग्रामकोष की राशि का लेखा जोखा दिए जाने, सरपंच पति के द्वारा निर्माण एवं पंचायत के विभिन्न कार्यो में हस्तक्षेप पर प्रतिबंध लगाने, विगत 3 वर्षो का ग्राम पंचायत भरवेली के पंचो को आय-व्यय का हिसाब देने, और पंचो को अपने अधिकार से सरपंच पति के द्वारा वंचित रखे जाने, सहित अन्य आरोप लगाते हुए उपसपंच सहित पंचायत के अन्य 19 पंचो ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं साथ ही विभिन्न बिंदुओं पर सरपंच से हिसाब मांगते हुए उन्हें तत्काल पद से पृथक किए जाने की गुहार लगाई है। आपको बताएं कि इन मुद्दों लेकर पंचों द्वारा पिछली बार आवेदन निवेदन कर कई बार ज्ञापन सौपा गया था, तो वही पंचों द्वारा पंचायत भवन के सामने धरना प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन उसमें उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।
 *इसके पूर्व भी लाया जा चुका है अविश्वास प्रस्ताव* 
 आपको बताएं कि यहां कोई पहला मौका नहीं है जब भरवेली सरपंच श्रीमती गीता अनिल बिसेन के खिलाफ पंचों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया हो, बल्कि इसके पूर्व भी भरवेली पंचायत के करीब 13 पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।लेकिन उस अविश्वास प्रस्ताव पर 25 जुलाई 2025 को हुए चुनाव में भरवेली सरपंच की जीत हुई थी, उसके बाद यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव है हालांकि पहले अविश्वास प्रस्ताव में सरपंच सहित कुल 21 पंचों में से उपसरपंच को मिलाकर कुल 13 पंचों ने सरपंच को हटाने की सहमति दी थी, लेकिन इस बार सरपंच पर अविश्वास जताने वाले पंचों की संख्या 13 से बढ़कर 19 हो गई है, अब केवल स्वयं सरपंच गीता अनिल बिसेन और एक पंच को छोड़कर बाकी सभी 19 पंच, सरपंच के खिलाफ है।जिन्होंने इस अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए सरपंच को धारा 40 के तहत हटाने, अविश्वास प्रस्ताव पारित कर जल्द से जल्द पंचों के बीच चुनाव कराने और पंचायत के विकाश कार्यों को देखते हुए नया सरपंच का चुनाव कराने की मांग की है।
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