
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लामता तहसील के ग्राम डोंगरबोडी, पांडेवाड़ा व मौरिया के आदिवासी परिवारों ने दबंग व्यक्ति द्वारा उनकी पैतृक कृषि भूमि पर कब्जा करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुये मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम आवेदन दिया है। पीडि़त परिवारों ने कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्यवाही कर उचित न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ग्राम पांडेवाड़ा में लगभग 45 एकड़ कृषि भूमि है, जहां पूर्वजों के समय से काफी सालों से खेती करते आ रहे है। लेकिन लामता निवासी सतानंद द्विवेदी द्वारा पिछले कुछ वर्षों से उक्त जमीन को अपनी बताते हुए उन्हें धमकी देकर बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान प्रमुख रूप से रतिराम सिरसाम, रामोबाई गेडाम, कंकरलाल सिरसाम, तिलकचंद मड़ावी, तीजुलाल इड़पांचे, मनीराम टेकाम, धनवंती इड़पाचे सहित अन्य मौजूद रहे।
इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि वह काफी सालों से अपनी पैतृक कृषि भूमि ग्राम पांडेवाड़ा में खेती कर अपना व परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। उनके पूर्वजों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी और पीढिय़ों से उस पर खेती होती रही है। लेकिन लामता निवासी सतानंद द्वारा उक्त जमीन को अपना बताते हुए बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर कथित रूप से गुंडों को बुलाकर फसल खराब करने व जमीन पर कब्जा करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय में जमीन संबंधी जानकारी ली गई तो पता चला कि संबंधित भूमि किसी अन्य परिवार के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी अशिक्षा का फायदा उठाकर व शासकीय कर्मचारियों से मिलीभगत कर उनकी जानकारी के बिना जमीन का नामांतरण कर दिया गया है। उन्होंने कलेक्टर से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।



