गोड्डा
कसबा से हुई गो सम्मान आह्वान अभियान की शुरुआत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेहरमा। गो-सम्मान आह्वान अभियान के झारखंड प्रभारी अभय प्रभु ने कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड अंतर्गत ग्राम कसबा स्थित ठाकुरवाड़ी प्रांगण से करते हुए विभिन्न गांवों में भ्रमण के पश्चात प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन बीडीओ-सीओ की अनुपस्थिति में प्रधान सहायक सुबोध कुमार मंडल को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में गोवंश की विधिवत सेवा, पूर्ण सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने हेतु कानून बनाने और गो पालन मंत्रालय की स्थापना की मांग की। राज्य प्रभारी ने बताया कि आगामी 27 जुलाई को गो सम्मान दिवस मनाया जाएगा। कहा कि केंद्र सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों से राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से प्रार्थना कर संपूर्ण भारतीय देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करवाना उनका लक्ष्य है। जिसमें उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग एवं समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने लोगों से गो सेवा और गो रक्षा के माध्यम से होने वाले राष्ट्र रक्षा एवं संस्कृति रक्षा के इस निष्काम और पवित्र अभियान में जुड़ने का आह्वान किया। ज्ञात हो कि गो मनीषीयों द्वारा गोवंश की अत्यंत पीड़ा दायक स्थिति, उसके तस्करी, वध एवं सड़कों पर उनकी दुर्दशा के मद्देनजर उनके सम्मान, सुरक्षा और सेवा के संकल्प को पूर्ण करने हेतु अपनी विरासत पर गर्व करते हुए भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के तहत केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने, समस्त गो वधशालाओं के लाइसेंस निरस्त करने, स्वतंत्र केंद्रीय गो सेवा मंत्रालय गठन करने, देशी गोवंश को राष्ट्रमाता, राष्ट्र देव, राष्ट्र धरोहर, राष्ट्र आधार अथवा राष्ट्र आराध्या के रूप में आधिकारिक संवैधानिक मान्यता प्रदान कर उसे विशेष राष्ट्रीय संरक्षण दिए जाने, गोवध को संगीन एवं गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखने, पंचायत स्तर पर नंदी शाला और जिला स्तर पर आदर्श गो अभ्यारण्य अथवा वृहद गौशाला की स्थापना किए जाने, गो वाहिनी एम्बुलेंस की व्यवस्था किए जाने, स्कूली पाठ्यक्रमों में गो विज्ञान को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किए जाने, गोचर बोर्ड बनाने, चारा सुरक्षा नीति तय किए जाने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इस अवसर पर अजय उड़वंत, भाजपा के राज्य परिषद सदस्य संजीव मिश्रा, प्रिंस पराग, विपिन पासवान, राकेश कुमार झा, आयुष, मोहित, हरिशंकर, रितेश आदि उपस्थित थे।



