
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। जिजौंला में खलियान की भूमि पर अवैध कब्जा करके निर्माण करने की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुॅच निर्माण कार्य को ध्वस्त करा दिया। ग्राम प्रधान का आरोप है कि पूर्व से ही राजस्व विभाग को कब्जे के सम्बंध मे अवगत करा दिया गया था लेकिन उपजिलाधिकारी द्वारा तहसीलदार को आदेश के बाद भी कोई कार्यवाही नही की गई। बुधवार को जब दबंगो ने कब्जे वाली भूमि पर निर्माण शुरू किया तो शिकायत पर पहुॅचें अधिकारियों ने निर्माणाधीन दीवारो को गिरा दिया। पुलिस कार्यवाही के डर से कब्जाधारी दीवार फांदकर भाग गया।
चौसाना चौकी क्षैत्र के गांव जिजौला मे ग्राम प्रधान आदिल राणा द्वारा उपजिलाधिकारी को खलियान की भूमि खसरा नम्बर 297 पर गांव के सरफराज , व हंसराज पुत्रगण यामीन उर्फ मिन वे अतहर हसन पुत्र साजिद द्वारा अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। जिसमे बताया गया था कि आरक्षित भूमि पर खडे बीस लिप्टिस के पेडो को भी दबंगो ने काटकर बेच लिया। लेकिन तमाम शिकायतो के बाद भी राजस्व विभाग सोता रहा। आरोप है कि शिकायत के बाद आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया,जिसमे ग्राम प्रधान की बाल-बाल जान बची।
बुधवार को आरोपी पक्ष ने राजमिस्त्री को लगाकर कब्जे वाली भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान ने राजस्व विभाग को मामले से अवगत कराया लेकिन किसी भी जिम्मेदार के कानो पर जूं नही रेंगी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किया और सीएम ,डीएम व एसपी को टैग कर टवीट किया गया। एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर अवैध कब्जे को मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। लेखपाल अजीत कुमार ,लोकेश सैनी व चौकी प्रभारी संदीप यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुॅचें और जांच करते हुए निर्माणाधीन दीवारो ंको ध्वस्त करा दिया गया। पुलिस कार्यवाही के डर से मुख्य कब्जाधारी दीवार फांदकर फरार हो गया।
15 दिन बीतने के बाद भी सरकारी पेडो को चोरी नही हुई दर्ज
चौसाना। जिजौला के कब्जाधारियों द्वारा आरक्षित भूमि पर खडे व राजस्व अभिलेखों मे दर्ज लिप्टिस के पेडो को काटकर बेचने के मामले मे तहरीर दिए जाने के 15 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नही हो सका। जिस कारण दबंगो के हौसले बुलंद हो गए। जिसका नतीजा रहा कि आरोपियों ने निर्माण करने का हौसला किया। शासन की मंशा के विपरित कब्जाधारियों पर राजस्व विभाग के अधिकारियों का रवैया होने के कारण बैखौफ सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुॅचाया गया।



