गाजियाबाद
लोनी अपहरण कांड में पुलिस का शिकंजा तेज
5 और गिरफ्तार, ग्रामीणों और पुलिस के बीच बनी तनाव की स्थिति

मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम, अब तक 17 आरोपी दबोचे गए
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी के चर्चित डेयरी संचालक ओंकार अपहरण एवं गोलीकांड मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए फरार मुख्य आरोपियों को शरण देने वाले पांच और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस सनसनीखेज मामले में कुल 17 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अब भी पुलिस पहुंच से दूर हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
दिनदहाड़े गोली मारकर किया था अपहरण
30 मई को गनौली गांव निवासी सुरेन्द्र पुत्र राममेहर ने थाना लोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनके परिजन ओंकार को गोली मारने के बाद जबरन वाहन में डालकर अपहरण कर लिया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
साजिश में शामिल लोगों की भूमिका उजागर
पुलिस जांच में सामने आया कि यह वारदात सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थी। इससे पहले गिरफ्तार किए गए विजेंद्र, आजाद और अजब सिंह को साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया गया था। जांच आगे बढ़ने पर फरार आरोपियों को संरक्षण देने वाले अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।
बुलंदशहर और भोजपुर से भी 5 गिरफ्तार
लोनी पुलिस ने गुरुवार को बुलंदशहर और भोजपुर क्षेत्र में दबिश देकर संदीप भाटी, संदीप कुमार मावी, राहुल भाटी, सुमित और अमित को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार ये सभी फरार आरोपियों को छिपाने और उन्हें पुलिस कार्रवाई से बचाने में मदद कर रहे थे।
इनामी आरोपी अब भी पुलिस पहुंच से दूर
पुलिस के मुताबिक गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल, गौरव निवासी बादलपुर और मोहित अभी भी फरार हैं। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की जा रही है।
धरना स्थल पर पहुंचे मुखिया गुर्जर, पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
गनौली गांव में गुरुवार को भी ग्रामीण सड़क पर धरने पर बैठे रहे। महिलाओं ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान सपा नेता मुखिया गुर्जर धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम डी सी पी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी और मुखिया गुर्जर के बीच इस मामले को लेकर तीखी बहस हो गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि बाद में अधिकारियों और ग्रामीणों ने किसी तरह से स्थिति को संभाल लिया।
कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल कसाना, भाजपा नेता ईश्वर मावी समेत कई किसान नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और मामले का जल्द खुलासा करने की मांग उठाई।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े गोली मारकर अपहरण जैसी घटना ने लोनी क्षेत्र में बढ़ते आपराधिक दुस्साहस और गैंगवार आधारित रंजिशों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और ओंकार के संबंध में पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना रहेगा।



