संभल

सरकारी जमीन पर बनी मजार पर चला बुलडोजर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

24 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कराया गया कब्जामुक्त, 70 पुलिसकर्मी और पीएसी रही तैनात

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

संभल : गुन्नौर तहसील क्षेत्र के बाघऊ गांव में सरकारी भूमि पर बने एक मजार को प्रशासन ने शुक्रवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के लगभग 70 जवानों को मौके पर तैनात किया गया था। राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने कई घंटे तक चले अभियान के दौरान सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बबराला थाना क्षेत्र के गांव बाघऊ में “खेरे वाले बाबा चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ मजार” के नाम पर सरकारी भूमि पर निर्माण किया गया था। राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में पाया गया कि गाटा संख्या 592 की सरकारी भूमि के लगभग 24 वर्गमीटर क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कराया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम सभा की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।

पांच वर्ष पूर्व किया गया था निर्माण

राजस्व विभाग की जांच में यह तथ्य सामने आया कि करीब पांच वर्ष पूर्व उक्त स्थान पर ज्यारत के नाम पर निर्माण कार्य कराया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे उस स्थान पर स्थायी निर्माण खड़ा कर लिया गया। मामले की शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की और इसे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण माना।

ग्राम सभा ने दायर किया था वाद

ग्राम सभा बाघऊ की ओर से अतिक्रमण हटवाने के लिए 18 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान राजस्व अभिलेखों और जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद तहसीलदार न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया।

न्यायालय ने कब्जाधारी अजीज पुत्र अल्लन निवासी बाघऊ पर 39 हजार रुपये क्षतिपूर्ति तथा 300 रुपये निष्पादन शुल्क भी जमा करने का आदेश दिया था। साथ ही सरकारी भूमि को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए गए थे।

जिलाधिकारी न्यायालय ने भी खारिज की अपील

तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ अजीज ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की थी। अपील में मजार को पुराना धार्मिक स्थल बताते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि जिलाधिकारी न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद 3 जून 2026 को अपील निरस्त कर दी। इसके बाद प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। तहसीलदार रवि सोनकर के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। नायब तहसीलदार अनुज कुमार को अभियान का प्रभारी बनाया गया। कार्रवाई के दौरान थाना बबराला, गुन्नौर पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारी और पीएसी के जवान लगातार मौके पर मौजूद रहे।

प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।

मुतवल्ली ने किया पुरानी मजार होने का दावा

मजार के मुतवल्ली अजीज ने प्रशासनिक कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह पीर बाबा के नाम से प्रसिद्ध मजार है और उनकी जानकारी के अनुसार यह 500 से 600 वर्ष पुरानी है। उनका कहना है कि कई पीढ़ियां इस स्थान को जानती हैं तथा आसपास के गांवों के लोग यहां श्रद्धा के साथ आते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में माता रानी के मंदिर के साथ-साथ पीर बाबा की मजार भी लोगों की आस्था का केंद्र रही है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने मजार के मुख्य गेट को भी तोड़ दिया, जबकि उन्होंने कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध नहीं किया।

क्या बोले एसडीएम

एसडीएम गुन्नौर विकास चंद्र ने बताया कि मामले में पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है। जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। तहसीलदार न्यायालय और जिलाधिकारी न्यायालय दोनों स्तरों पर सुनवाई के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुक्रवार को अवैध निर्माण हटाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button