गाजियाबाद

विधायक जी-जान से लगे हैं”, मगर जनता अंधेरे में!

अंकुर विहार DLF में बिजली कटौती पर फूटा आम नागरिक का गुस्सा, विधायक समर्थकों को दिखाया आईना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : अंकुर विहार DLF क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर एक आम नागरिक का दर्द अब व्यंग्य और तंज के रूप में खुलकर सामने आया है।
स्थानीय ग्रुप जन जागरण मंच में विधायक की तारीफों और “पूरे जी-जान से लगे हैं” जैसे संदेशों से परेशान सुभाष चन्द्रा ने चुटीले अंदाज में अपने सवालों की झड़ी लगा दी।
नागरिक ने लिखा कि अगर 6 महीने या साल में दो-चार बार विधुत समस्या  हो तो समझ में आता है, लेकिन यहां तो हफ्ते में चार दिन कोई न कोई फॉल्ट लाइट में बना रहता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा —
“अगर  विधायक के जी-जान से लगने के बाद ये हालत हैं, तो भगवान बचाए इस समर्पण भाव से।”
“24 घंटे लगातार बिजली? ऐसा हफ्ता बताओ  तो सही
स्थानीय निवासी ने दावा किया कि पिछले 6 साल में ऐसा कोई हफ्ता याद नहीं जब क्षेत्र में लगातार 24 घंटे बिजली रही हो।
बरसात के मौसम से पहले खुदी पड़ी सड़कों और हर साल दोहराई जाने वाली समस्याओं पर भी अब सवाल उठ रहे हैं
व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने लिखा —
“पिछले साल लोग गड्ढों में गिर रहे थे, इस साल भी गिरेंगे ,मगर विधायक जी पूरे जी-जान से क्षेत्र के विकास कराने लगे हैं।”
तीन सभासद, विधायक और सांसद, फिर भी राहत नहीं
क्षेत्र को विधायक द्वारा “गोद लिया वार्ड” बताए जाने पर भी नागरिकों ने नाराजगी जताई।
लोगों का कहना है कि तीन सभासद, विधायक और सांसद होने के बावजूद क्षेत्र को अघोषित बिजली कटौती से कोई  राहत नहीं मिल पा रही।
“आज एक दिक्कत, दो दिन बाद दूसरी”लेकिन समस्या का अंत नहीं
निवासी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि यहां समस्याएं स्थायी रूप से खत्म होने के बजाय बस बदलती रहती हैं।
“2 दिन पहले कुछ और दिक्कत थी, आज कुछ और है, और 2 दिन बाद कोई नई परेशानी खड़ी होगी।”
चापलूसी बनाम जमीनी हकीकत
स्थानीय ग्रुप में विधायक समर्थकों की लगातार प्रशंसा पर भी नागरिक ने तीखा कटाक्ष किया।
लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर विकास के दावे खूब किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस हैं।
अब सवाल यही उठ रहा है कि
जनता आखिर अपना दर्द सुनाए तो किसे  क्योंकि शिकायतें पुरानी हैं, लेकिन समाधान अब भी “जी-जान से लगा हुआ” ही बताया जा रहा है।
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