
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मोदीनगर। ग्राम सुहाना स्थित सरकारी चकमार्ग (खसरा संख्या 336) पर कथित अतिक्रमण के मामले में किसानों ने लेखपाल पर भ्रष्टाचार और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच टीम गठित करने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम नगला आक्खू एवं ग्राम सुहाना के किसानों ने समाधान दिवस के दौरान एडीएम को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
किसानों का आरोप है कि सरकारी चकमार्ग पर हुए अतिक्रमण की शिकायत के बाद राजस्व विभाग द्वारा कराई गई पैमाइश में वास्तविक तथ्यों और राजस्व अभिलेखों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि लेखपाल विकास त्यागी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट मूल नक्शे, खसरा और खतौनी में दर्ज तथ्यों से मेल नहीं खाती तथा मौके की वास्तविक स्थिति को भी सही ढंग से नहीं दर्शाती।
किसानों का आरोप है कि पैमाइश प्रक्रिया के दौरान उनकी आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया और अवैध कब्जाधारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तथ्यों की अनदेखी की गई। इससे राजस्व प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों ने मांग की है कि वर्तमान पैमाइश रिपोर्ट का पुनः परीक्षण कराया जाए तथा किसी स्वतंत्र और वरिष्ठ राजस्व अधिकारी की निगरानी में चकमार्ग का दोबारा सीमांकन कराया जाए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराकर सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
किसानों ने शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल की कथित मिलीभगत से विवादित चकमार्ग क्षेत्र में किसानों की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाए गए, जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने मांग की है कि फसल नुकसान की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों ने यह भी मांग की है कि यदि निष्पक्ष जांच में किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है अथवा गलत पैमाइश और भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर राजवीर सिंह, कृष्णपाल, सतीश, मुकेश त्यागी, अंकुर, राजेश्वर त्यागी, श्यामसुंदर, जोनी त्यागी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




