
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
संभल/ गुन्नौर। गुन्नौर क्षेत्र से सामने आए करीब 35 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले ने सनसनी फैला दी है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि उसके परिचितों ने आर्थिक संकट का हवाला देकर उससे लाखों रुपये उधार लिए, लेकिन रकम लौटाने के बजाय फरार हो गए। इतना ही नहीं, रुपये वापस मांगने पर उसे कथित तौर पर धमकियां भी दी जा रही हैं। न्याय की आस में भटक रही महिला अब एक बार फिर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने जा रही है।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव सैंजना मुस्लिम निवासी एवं वर्तमान में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के भरतौला गांव में रह रही रुकसार पत्नी अलताज ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसके परिचित रोहित और उसके परिजनों ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर उससे बड़ी धनराशि उधार दिलवाई थी। विश्वास में आकर उसने अपने मकान मालिक, रिश्तेदारों और परिचितों से रकम जुटाकर आरोपितों को दे दी। पीड़िता के अनुसार अलग-अलग लोगों और खातों के माध्यम से करीब 38 लाख रुपये दिए गए, जिनमें से केवल लगभग 3 लाख रुपये ही वापस किए गए। महिला का आरोप है कि बाकी रकम हड़प ली गई। उसने यह भी दावा किया कि उसने अपना मकान तक गिरवी रखकर रुपये जुटाए थे, जिससे आज वह खुद भारी आर्थिक संकट में फंस गई है। शिकायत के अनुसार जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपित लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में कथित रूप से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया गया और रुपये मांगने पर धमकियां दी जाने लगीं। पीड़िता का आरोप है कि मुख्य आरोपित अपने कुछ परिजनों के साथ अचानक घर छोड़कर फरार हो गए और अब उनके ठिकानों की जानकारी छिपाई जा रही है। महिला ने अपने शिकायती पत्र में कुछ अन्य लोगों पर भी आरोपितों को संरक्षण देने और उनके ठिकानों की जानकारी होने के बावजूद छिपाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कुछ लोगों के पास आरोपितों के आने-जाने और रहने की जानकारी है, लेकिन वे जांच एजेंसियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि वह पहले भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय, साइबर क्राइम विभाग, जनसुनवाई पोर्टल और उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिली। लगातार बढ़ते कर्ज, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव के कारण उसने दोबारा पुलिस अधीक्षक से मिलने का फैसला किया है। रुकसार का कहना है कि जिन लोगों से उसने रुपये उधार लेकर दिलवाए थे, वे अब अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। इससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि दोबारा शिकायत मिलने के बाद पुलिस प्रशासन इस चर्चित मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है।

