गाजियाबाद

पीड़ित पत्रकारों के समर्थन में उतरे अधिवक्ता

निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

गाजियाबाद : वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में न्याय की मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को अब अधिवक्ता समुदाय का भी समर्थन मिल गया है। लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार एडवोकेट सहित कई अधिवक्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद को अपना समर्थन पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की है। पुलिस कमिश्नर को लिखे अपने
समर्थन पत्र में अधिवक्ताओ ने उल्लेख किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और पत्रकार समाज तथा प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम होते हैं। ऐसे में यदि किसी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पत्रकार सुमन मिश्रा, ललित चौधरी एवं अन्य पत्रकारों द्वारा अपनी शिकायतों के संबंध में न्याय की मांग किए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई ।जबकि बाद में उनके विरुद्ध थाना विजय नगर में मुकदमा अपराध संख्या 0267/2026 दर्ज किया गया। उन्होंने मांग की है कि इस मुकदमे की किसी स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार के शक्ति के दुरुपयोग, झूठे मुकदमे दर्ज कराने या अन्य अनियमितताओं के तथ्य सामने आते हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि पत्रकार ललित चौधरी के साथ कथित मारपीट तथा महिला पत्रकार सुमन मिश्रा के साथ कथित अभद्रता और छेड़छाड़ के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आमजन का विश्वास बना रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि संबंधित पत्रकार पिछले कई दिनों से अपनी शिकायतें उच्चाधिकारियों के समक्ष रख रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक संतोषजनक न्याय नहीं मिल पाया है। ऐसे में उनका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करना संविधान प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप है।
समर्थन पत्र में उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की गई है कि वह पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जिससे कानून व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।
इस अवसर पर सुशील डेनियल एडवोकेट, कामना सिंह , राजकुमार जयदीप, बबीता तोमर, हरीश, हेमराज सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने भी पत्रकारों की न्याय संबंधी मांगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

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