
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
गाजियाबाद : गाजियाबाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ पत्रकारों का धरना 10वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पत्रकार ललित चौधरी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
ललित चौधरी ने कहा कि वे पिछले करीब एक महीने से न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मामले में कार्रवाई करने का कई बार अधिकारियों द्वारा आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि धरने के दौरान पत्रकारों को मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि उनकी साथी पत्रकार अपूर्वा लंबे समय से बीमार हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद धरने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल सभी लोग खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ललित चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपनी बेगुनाही से जुड़े कई दस्तावेज और साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। उनका कहना है कि यदि वे दोषी हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और यदि वे निर्दोष हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और पत्रकारों के बीच अविश्वास का माहौल बन गया है, जिससे पत्रकारों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।
धरनारत पत्रकारों ने बताया कि शुक्रवार को वे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में मामले की शिकायत के साथ पत्रकारों की सुरक्षा और हितों से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
पत्रकारों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

