
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। बागपत शहर के कोर्ट रोड स्थित गली नंबर चार में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 28 वर्षीय युवक दीपक ने कथित रूप से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के अनुसार दीपक की शादी करीब चार माह पूर्व हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि घरेलू कलह लगातार बढ़ती गई, जिसके चलते करीब एक माह पहले उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद को लेकर बातचीत और समझौते के प्रयास जारी थे।
मृतक के भाई राहुल ने बताया कि सोमवार 22 जून को दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समझौता कराया गया था। समझौते के दौरान ढाई लाख रुपये देने पर सहमति बनी थी। परिजनों का आरोप है कि इस समझौते और लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक तनाव के कारण दीपक मानसिक रूप से काफी परेशान था और इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया।
मंगलवार सुबह जब परिवार के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर कोतवाली बागपत पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
जानकारी के अनुसार दीपक दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत था। परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ विवाद समाप्त हो जाएगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।
कोतवाली बागपत प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवादों का समय रहते समाधान और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को उचित परामर्श मिलना बेहद आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


