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पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा फिर फेल

एयर फोर्स के टेंडर ने साबित किया-सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान आपरेशनल हैं

नई दिल्ली। जून में जारी और ‘इंडिया टुडे’ द्वारा हासिल किए गए एयर हेडक्वार्टर के ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ में सभी 36 राफेल फाइटर जेट के लिए पांच महीने के ‘ब्रिज सपोर्ट पैकेज’ के लिए बोलियां मंगाई गई हैं।
पाकिस्तान के बार-बार किए जा रहे इन दावों को कि ‘आॅपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने कई राफेल फाइटर जेट खो दिए थे, भारतीय वायु सेना (कअऋ) के एक आधिकारिक दस्तावेज ने एक बार फिर गलत साबित कर दिया है। इस दस्तावेज में अभी सर्विस में मौजूद सभी 36 राफेल जेट के पूरे बेड़े के लिए ‘ब्रिज सपोर्ट’ की मांग की गई है। जून में जारी और ‘इंडिया टुडे’ द्वारा हासिल किए गए एयर हेडक्वार्टर के ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ में सभी 36 राफेल फाइटर जेट के लिए पांच महीने के ‘ब्रिज सपोर्ट पैकेज’ के लिए बोलियां मंगाई गई हैं। यह वही संख्या है जो भारत ने 2016 में सरकार-से-सरकार के बीच हुए समझौते के तहत फ्रांस से खरीदी थी। इस दस्तावेज में सितंबर 2026 के बाद भी फ्लीट को चालू रखने के लिए मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक्स और टेक्निकल सपोर्ट की मांग की गई है। पांच महीने की सपोर्ट अवधि के दौरान लगभग 2,250 फ्लाइंग आवर्स की योजना बनाई गई है। इस ‘ब्रिज सपोर्ट’ व्यवस्था का मकसद यह पक्का करना है कि जब तक लंबे समय के लिए सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट फाइनल नहीं हो जाता, तब तक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
फऋढ सीधे तौर पर पाकिस्तान के उस दावे को गलत साबित करता है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के ‘आॅपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत के कई राफेल जेट नष्ट हो गए थे। अगर कोई विमान नष्ट हुआ होता, तो मेंटेनेंस प्रपोजल में दिखाए गए बेड़े की संख्या कम होती। पाकिस्तान ने आधिकारिक बयानों और सुनियोजित सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए बार-बार दावा किया था कि उसके सैनिकों ने ‘आॅपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत के कई राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। भारत ने इन दावों को लगातार गलत जानकारी और दुष्प्रचार करार दिया और पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह कअऋ के आॅपरेशन की सफलता को कमतर दिखाने के लिए प्रोपेगैंडा कैंपेन चला रहा है। ताजा घटनाक्रम उन पुराने सबूतों को और मजबूत करता है जिनसे पाकिस्तान के दावों पर पहले ही शक पैदा हो गया था। जिन राफेल विमानों के टेल नंबरों के बारे में पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने दावा किया था कि वे “नष्ट” हो गए हैं, उनकी बाद में आॅपरेशनल उड़ान भरते हुए तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिससे इस्लामाबाद के दावों की पोल और खुल गई।
आॅपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल बेड़े ने अहम भूमिका निभाई और पाकिस्तान के अंदर मौजूद ठिकानों पर सटीक हमले किए। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि आॅपरेशन के दौरान विमानों ने उम्मीद के मुताबिक काम किया और उन्होंने किसी भी तरह के युद्ध-जनित नुकसान के दावों को बार-बार खारिज किया है। जून 2026 का टेंडर अब वह ताजा आधिकारिक रिकॉर्ड है जो भारत के इस रुख की पुष्टि करता है कि उसका राफेल बेड़ा पूरी तरह सुरक्षित है; इससे विमानों के नष्ट होने के पाकिस्तान के बार-बार किए जाने वाले दावों को एक और झटका लगा है। इस बीच, भारत ‘मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट’ प्रोग्राम के तहत फ्रांस की डिफेंस कंपनी ‘डसॉल्ट एविएशन’ से 114 और राफेल फाइटर जेट खरीदने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। इस प्रस्तावित खरीद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हाल ही में हुई बातचीत में चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राफेल प्रोग्राम पर बातचीत आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल पर जोर दिया और भारत व फ्रांस के बीच भविष्य के डिफेंस प्रोजेक्ट्स के लिए मिलकर डेवलपमेंट, डिजाइन और प्रोडक्शन करने वाले फ्रेमवर्क की वकालत की।

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