वित्त सचिव एवं प्रभारी सचिव डॉ. श्री वी. षणमुगम ने स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्द्धन योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण l

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उत्तरकाशी : वित्त सचिव डॉ. श्री वी. षणमुगम ने जनपद में संचालित स्वरोजगार, आजीविका संवर्द्धन एवं स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन से संबंधित विभिन्न नवाचारी परियोजनाओं एवं योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह ने उन्हें जनपद में क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने रीप (REAP) परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन वे-साइड अमेनिटीज (Way Side Amenities) का अवलोकन किया। उन्होंने परियोजना को ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय उद्यमिता एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तत्पश्चात विकासखण्ड डुंडा के वीरपुर स्थित सांची ग्राम संगठन द्वारा संचालित हिमालयन हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट एवं वूलन ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण किया गया। प्रभारी सचिव ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं ऊनी उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी प्रयास स्थानीय संसाधनों को आर्थिक समृद्धि से जोड़ने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
इसके उपरांत चिन्यालीसौड़ में स्थापित मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया, जहां उन्होंने मोटे अनाजों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मिलेट आधारित उत्पादों को स्थानीय किसानों की आय वृद्धि एवं पोषण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
निरीक्षण के क्रम में जन शक्ति सीएलएफ द्वारा संचालित डेयरी विपणन केंद्र का भी अवलोकन किया गया। प्रभारी सचिव ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित आजीविका गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वरोजगार, उद्यमिता विकास एवं स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न योजनाओं का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद में सतत एवं समावेशी विकास की अवधारणा को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी एस०एस०वर्मा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० एच० सी० बिष्ट, खंड विकास अधिकारी डुण्डा दिनेश चंद्र जोशी, चिन्यालीसौड़ कैलाश चंद रमोला, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय सहित विभिन्न खण्ड विकास स्तरीय अधिकारी एवं योजना के लाभार्थी मौजूद रहे l



