जामताड़ा

दिव्यांग व जरूरतमंदों को मिला व्हीलचेयर का सहारा

जीवन में आई सुगमता, प्रशासन की पहल की सराहना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झारखण्ड / जामताडा : झारखंड के करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र में सामाजिक कल्याण और जरूरतमंदों के उत्थान की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली है। अंचलाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी चोनाराम हेंब्रम के नेतृत्व में प्रखंड क्षेत्र के कई दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों के बीच व्हीलचेयर का वितरण किया गया। इस मानवीय कदम से लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे दिव्यांगजनों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
​सरकार का मुख्य उद्देश्य: दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाना
​इस अवसर पर आयोजित वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी चोनाराम हेंब्रम ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर एक दिव्यांगजन को मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार चाहती है कि दिव्यांगजन बिना किसी की मदद के एक सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इसी सोच के तहत उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि उनकी दैनिक जिंदगी आसान हो सके।
​लाभुकों के चेहरे पर दिखी खुशी
​व्हीलचेयर प्राप्त करने वाले लाभुकों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय प्रशासन का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। लाभुकों ने बताया कि शारीरिक अक्षमता के कारण उन्हें घर से बाहर निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बाजार जाना हो, अस्पताल जाना हो या किसी अन्य जरूरी काम से बाहर जाना हो, हर बार दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब व्हीलचेयर मिल जाने से उन्हें आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी और वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।
​सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
​कार्यक्रम के दौरान अंचलाधिकारी चोनाराम हेंब्रम ने क्षेत्र के सभी पात्र नागरिकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि जो पात्र व्यक्ति या दिव्यांगजन अब तक किसी कारणवश सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा सके हैं, वे बिना किसी झिझक के आगे आएं। ऐसे लोग संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन करें और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
​इस अवसर पर प्रखंड कार्यालय के कई कर्मी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। उपस्थित कर्मियों ने वहां पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को पेंशन योजना, ट्राईसाइकिल, विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (UDID Card) और अन्य सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील रहें और उनके अधिकारों व कल्याण में अपना सहयोग दें। यह पहल करमाटांड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय लोग प्रशासन की इस संवेदनशीलता की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।
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