सेल प्रबंधन को अपना वादा याद करवाने ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा का मासव्यापी मजदूर संवाद कार्यक्रम सीआरएम 3 से शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा, बोकारो द्वारा सेल कर्मचारियों व ठीका मजदूरों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आज 27 जूलाई से मासव्यापी मजदूर संवाद कार्यक्रम बोकारो स्टील प्लांट के सीआरएम 3 विभाग से शुरू किया गया।
अपनी बात रखते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछला वेतन समझौता आज भी पूरा नहीं हुआ है।आज तक एमओए नहीं हुआ है। सेल प्रबंधन मजदूरों का कमाया हुआ एरियर नहीं देना चाहती है। वहीं दूसरी ओर ग्रेच्युटी पर एकतरफा सीलिंग लगा दिया गया है, जिससे एक एक मजदूरों को दसों लाख रुपए का नुक़सान हो रहा है। एक ही कारखाने में काम करने के बावजूद अधिकारियों के समान छूट्टी मजदूरों को नहीं मिलता है। आज भी वही पुरानी इंसेंटिव रिवार्ड की पोलिसी चल रही है।वहीं दूसरी ओर भीआर सीआर , ग्रेडिंग खराब करने के नाम पर मजदूरों में भय का वातावरण बनाया जा रहा है।
सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि श्रमिक वर्ग ने औपनिवेशिक काल में अत्यधिक शोषण के खिलाफ और स्वतंत्र भारत में भी 8 घंटे के कार्यदिवस, कार्यस्थल सुरक्षा, यूनियन बनाने और संगठित होने के अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी, आंदोलन करने और हड़ताल के अधिकार के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण, स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त करने, समान काम के लिए समान वेतन, बोनस, ग्रेच्युटी और पेंशन के अधिकार के लिए भी लड़ाई लड़ी है।
एचएमएस के आर के सिंह ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं के माध्यम से इन उपलब्धियों को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इन संहिताओं में ऐसे कठोर और दमनकारी प्रावधान हैं, जिनसे यूनियन बनाना कठिन, पंजीकरण मुश्किल और निरस्तीकरण आसान हो जाएगा। नियोक्ताओं के उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में ट्रेड यूनियनों और मजदूरों के पास इन श्रम संहिताओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने और उनके क्रियान्वयन के खिलाफ प्रतिरोध खड़ा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
इसीलिए मोर्चा मजदूरों से आह्वान करती है कि आप आने वाले दिनों के लिए लंबे और निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहें।
मजदूर संवाद कार्यक्रम में पी के किस्कू,एस के सिंह,डी नायक,आनन कुमार,सी एस मुंडा,सी आर महतो,एस पी सिंह,एम के राय, इश्तियाक अंसारी,देव कुमार,आर बिंदानी,राजू कुमार, राहुल आदि अपने सवालों और सुझावों से मजदूर संवाद कार्यक्रम को समृद्ध किया।



