जालौन
दो महीने बाद खुला जींद हरियाणा के विजेन्द्र मोर के अपहरण व हत्या का राज
इसी अपहरण के मामले में गई थी चार पुलिस कर्मियों की जान

50 हजार का इनामी मोहित और उसकी पत्नी गिरफ्तार
प्रेम संबंध, धमकी और पांच करोड़ की जमीन का विवाद बना खूनी साजिश की वजह
उरई कोतवाली पुलिस ने कदौरा के पास एक फार्म हाउस से मोहित मलिक और सपना रानी को किया गिरफ्तार
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। करीब दो महीने पहले कोतवाली उरई क्षेत्र में हुए हरियाणा निवासी विजेन्द्र सिंह मोर के बहुचर्चित अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कोतवाली उरई पुलिस ने घटना में शामिल 50 हजार रूपए के इनामी अभियुक्त मोहित मलिक और हत्या की साजिश में शामिल उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार किया है। मोहित की निशानदेही पर हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कूपरा जंगल से मृतक के अधजले हड्डियों के अवशेष और शव पर लपेटे गए चादर के टुकड़े बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक 4 मई 2026 की सुबह करीब छह बजे जींद हरियाणा निवासी 52 वर्षीय विजेन्द्र सिंह मोर पुत्र रघुवीर सिंह को कोतवाली उरई क्षेत्र के रिनिया गांव में अभीष्ट तिवारी के खेत में बनी ट्यूबवेल की कोठरी से अगवा किया गया था। आरोप है कि भगवान, संजीव उर्फ कोकिला, मोहित मलिक और अमरजीत सुहाग उसे क्रेटा कार से अपहरण करके ले गए। अपहरण के बाद विजेन्द्र की हत्या कर दी गई और शव को हमीरपुर जिले के थाना जलालपुर क्षेत्र के ग्राम कूपरा के जंगल में ले जाकर करीब 40 लीटर डीजल से जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी। पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि द्वारा भगवान, संजीव उर्फ कोकिला, मोहित मलिक और अमरजीत सुहाग पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस हत्याकांड की जांच और आरोपियों की तलाश पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रही। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पतारसी के लिए कोतवाली उरई से हरियाणा गई टीम में शामिल दो उपनिरीक्षकों और दो आरक्षियों की 5 मई 2026 को जनपद नूंह, हरियाणा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसी दुर्घटना में मुकदमे के वादी अमरीक सिंह के ड्राइवर की भी मृत्यु हुई थी। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के कुशल पर्यवेक्षण और कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने थाना कदौरा क्षेत्र के ग्राम चितैला स्थित फार्म हाउस से मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस मोहित को लेकर हमीरपुर के कूपरा जंगल पहुंची जहां उसकी निशानदेही पर मृतक के अधजले हड्डियों के अवशेष बरामद किए गए। इसके अलावा घटना के दौरान मृतक के शरीर पर लपेटे गए चादर के टुकड़े को भी पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने बरामद अवशेषों का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में हत्या की वजह को लेकर चैंकाने वाली बातें सामने आई हैं। मृतक विजेन्द्र मोर के पूर्व में सपना रानी से कथित अवैध संबंध थे। बाद में सपना ने मोहित मलिक से शादी कर ली। इसके बाद विजेन्द्र मोहित और सपना को धमकी देता था। दूसरी ओर विजेन्द्र का आजाद सरपंच से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। विजेन्द्र ने करीब पांच करोड़ रुपए में अपनी जमीन आजाद सरपंच को बेची थी लेकिन उसे केवल एक करोड़ रुपए ही मिले थे। करीब चार करोड़ रुपए की रकम बकाया थी जिसे देने से आजाद सरपंच कथित तौर पर बचना चाहता था। पांच करोड़ की जमीन बनी खूनी साजिश की वजह! इसी जमीन के विवाद में आजाद सरपंच ने भगवान, संजीव उर्फ कोकिला और अमरजीत सुहाग को जमीन में पार्टनरशिप का लालच देकर विजेन्द्र का अपहरण और हत्या करने की कथित सुपारी दी। आरोप है कि साजिश में मोहित और उसकी पत्नी सपना को भी शामिल किया गया। घटना से करीब 15 दिन पहले मोहित और सपना ने रिनिया फाटक के पास खेत की रेकी भी की थी। इसके बाद 4 मई को विजेन्द्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है जल्दी ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी जिसके लिए टीम लगी हुए है गिरफ्तार मोहित मलिक के खिलाफ उरई कोतवाली में दर्ज वर्तमान मुकदमे के अलावा वर्ष 2014 में थाना जुलाना, जींद हरियाणा में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। वहीं सपना रानी के खिलाफ भी उरई कोतवाली के मुकदमे के साथ हरियाणा के जींद सिटी थाने में मुकदमा दर्ज बताया गया है। कोतवाली उरई पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

