
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। जिले में बाहरी अपराधियों के सक्रिय नेटवर्क को लेकर पुलिस महकमे में चिंता बढ़ गई है। जुलाई माह में कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं और कुख्यात ठक-ठक गैंग के खुलासे के बाद पुलिस महकमा सन्न है। अब अधिकारी ऐसे पुलिसकर्मियों पर संदेह जता रहे हैं, जो बीते माह तबादला होकर यहां आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये पुलिसकर्मी जैंत में पकड़े गए दरोगा की तरह तो नहीं नेटवर्क को संरक्षण दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जून में अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र से स्थानांतरित होकर जैंत थाने आए दरोगा शशांक कौशिक ने हिस्ट्रीशीटर रोहताश उर्फ विशाल और छोटू सोलंकी को बुलाकर व्यापारियों से पैसों की उगाही शुरू करा दी थी। जांच में मामले का खुलासा हुआ था। ठक-ठक गैंग सक्रिय होने का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियां अपराधियों के संपर्क सूत्रों की जांच में जुट गई हैं। मामलों की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं बाहरी जनपदों से तबादला होकर आए पुलिसकर्मी तो अपराधियों को संरक्षण नहीं दे रहे हैं।



