साहेबगंज
गंगा भवन को ‘गंगा हेरिटेज’ के रूप में विकसित कर म्यूजियम बनाने की मांग
विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन ने सदन में उठाई जनता की आवाज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
साहिबगंज राजमहल नगर में गंगा नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण गंगा भवन को ‘गंगा हेरिटेज’ के रूप में विकसित करते हुए वहां म्यूजियम का निर्माण कराने की मांग अब विधानसभा के सदन तक पहुंच गई है।सोमवार को शून्य काल के माध्यम से राजमहल विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन ने सदन में क्षेत्र की जनता की मांगों को प्रमुखता से रखते हुए सरकार का ध्यान गंगा भवन की वर्तमान स्थिति की ओर आकृष्ट कराया।विधायक ने सदन में कहा कि गंगा भवन राजमहल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है।गंगा नदी के किनारे स्थित होने के कारण इसका पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।यदि गंगा भवन को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर ‘गंगा हेरिटेज’ के रूप में स्थापित किया जाए तथा यहां म्यूजियम का निर्माण कराया जाए, तो यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।विधायक ने कहा कि राजमहल ऐतिहासिक दृष्टि से काफी समृद्ध क्षेत्र है।यहां की ऐतिहासिक धरोहर,गंगा नदी, पुरातात्विक महत्व के स्थल और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।ऐसे में गंगा भवन को केवल एक भवन के रूप में नहीं,बल्कि राजमहल की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।उन्होंने सदन में गंगा भवन की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उचित रखरखाव और देखरेख के अभाव में यह स्थल धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।विधायक ने सरकार से मांग की है कि गंगा भवन की स्थिति का संज्ञान लेते हुए इसके संरक्षण सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास के लिए ठोस पहल की जाए।विधायक ने कहा कि यदि गंगा भवन में म्यूजियम का निर्माण किया जाता है,तो उसमें राजमहल एवं आसपास के क्षेत्र के इतिहास, पुरातात्विक अवशेष,स्थानीय कला-संस्कृति,गंगा नदी से जुड़ी विरासत तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक घटनाओं को प्रदर्शित किया जा सकता है।इससे आने वाली पीढ़ियों को अपने क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने में भी मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि गंगा भवन को ‘गंगा हेरिटेज’ के रूप में विकसित करने से राजमहल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल,दुकान,परिवहन, हस्तशिल्प एवं अन्य छोटे व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।विधायक द्वारा सदन में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है कि गंगा भवन के संरक्षण और विकास की दिशा में सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की जाएगी।लोगों का कहना है कि गंगा किनारे स्थित इस महत्वपूर्ण स्थल का सही तरीके से विकास होने से राजमहल की पहचान को एक नई दिशा मिल सकती है।अब देखना होगा कि सरकार की ओर से विधायक की इस मांग पर क्या कदम उठाया जाता है और गंगा भवन को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करते हुए इसे म्यूजियम एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कब तक ठोस कार्रवाई शुरू की जाती है।



