बरेली
सांसद नीरज मौर्य ने उठाया आकांक्षी फंड का मुद्दा
यूपी के 7 जिलों में स्वीकृत करोड़ों का उपयोग शून्य, बरेली के 3 ब्लॉक्स में 1.11 करोड़ खर्च नहीं

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। समाजवादी सांसद नीरज मौर्य और अन्य सांसदों ने संसद में यूपी के आकांक्षी जिलों और ब्लॉक्स में विकास फंड के उपयोग को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछा। सांसदों ने जानना चाहा कि बरेली, बदायूं, जौनपुर समेत आकांक्षी क्षेत्रों में डिजिटल क्लासरूम, मॉडल आंगनवाड़ी और पेयजल जैसी परियोजनाएं पूरी क्षमता से क्यों नहीं चल रही हैं।
केंद्र के जवाब में खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत 8 जिलों को 10.81 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन सिर्फ 2.25 करोड़ ही खर्च हुए। बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती और सोनभद्र में उपयोग शून्य रहा। केवल सिद्धार्थनगर में खर्च हुआ।
बरेली के आकांक्षी ब्लॉक्स की स्थिति और खराब है। बहेड़ी में 1.0044 करोड़, दमखौदा और फतेहगंज पश्चिमी में 5.30-5.30 लाख रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन तीनों में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ।
सांसदों ने तकनीकी स्टाफ, बिजली, इंटरनेट और कौशल प्रशिक्षण की कमी का मुद्दा भी उठाया। सरकार ने कहा कि जिला-ब्लॉक स्तर का अलग आंकड़ा नीति आयोग के पास नहीं है।



