मथुरा
छाता में एफआईआर दर्ज कराने वाले गिर्राज वाल्मीकि ने वापस ली रिपोर्ट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। छाता चीनी मिल के संचालन को लेकर चल रहे भूतपूर्व सैनिक किसानों के धरने में उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले गिर्राज वाल्मीकि कोसीकलां अचानक मंगलवार देर शाम धरना स्थल पहुंचे, उन्होंने किसान और भूतपूर्व सैनिकों के सामने अपनी रिपोर्ट वापस लेने का ऐलान किया और हाथ जोड़कर सभी से माफी मांगी। गिर्राज वाल्मीकि ने भावुक होते हुए कहा कि वह हनुमान जी के भक्त हैं। जब से उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, उनकी अंतरात्मा गवाही नहीं दे रही थी। जिसके कारण उन्हें दिन-रात चैन नहीं मिल रहा था। उन्होंने आगे कहा कि उनका समाज एक स्वाभिमानी समाज है, जिसे कोई खरीद नहीं सकता। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद से पति अमित अग्रवाल, ससुर और सास द्वारा लगातार दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती रही। पीड़िता के अनुसार 26 सितंबर को वह अपने स्त्रीधन और आभूषण वापस लेने के लिए अपने बहनोई के साथ वृंदावन स्थित ससुराल पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान ससुराल पक्ष ने आभूषण लौटाने से इनकार कर दिया और उसके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए तथा जान से मारने की धमकी दी गई। बहनोई के हस्तक्षेप के बाद वह सुरक्षित वहां से निकल सकी। महिला ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अपना स्त्रीधन वापस दिलाने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



