
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेहरमा। मेहरमा प्रखंड में सरकारी व्यवस्था की बदहाली का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रखंड के पदाधिकारियों के लिए सरकारी कामकाज, क्षेत्र भ्रमण और जिला मुख्यालय आने-जाने को लेकर अपना सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार, बताया गया कि वर्ष 2019 से ही अधिकारी किराये की निजी गाड़ी के सहारे सरकारी कार्यों का संचालन कर रहे हैं। इसके एवज में सरकार की ओर से प्रत्येक माह किराये के रूप में राशि खर्च की जा रही है।
नहीं मिली नई वाहन
एक ओर जहां सरकारी कार्यों के लिए निजी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड का सरकारी वाहन वर्षों से खराब होकर प्रखंड मुख्यालय परिसर में पड़ा हुआ है। लंबे समय से खुले में पड़े रहने के कारण वाहन की स्थिति जर्जर हो चुकी है और अब वह धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होता नजर आ रहा है। नया वाहन उपलब्ध कराने को लेकर प्रखंड स्तर से कई बार विभाग को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है।
सरकारी वाहन की जरूरत
मेहरमा प्रखंड जिले के अंतिम छोर पर स्थित है। प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में पदाधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी वाहन प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बावजूद इसके वर्षों से सरकारी वाहन के खराब पड़े रहने के कारण अधिकारियों को निजी किराये के वाहन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।



