शिक्षा, प्रशासन और नवाचार में मिसाल
असम की आईएएस डॉ. वर्णाली डेका को किया गया केंद्रीय सहायक सचिव पद के लिए नामांकित ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. वर्णाली डेका को केंद्रीय सरकार के सहायक सचिव (Joint Secretary) पद के लिए नामांकित किए जाने पर असम राज्य में व्यापक खुशी और गर्व की लहर है। यह नामांकन असम प्रशासन में एक महिला अधिकारी द्वारा प्राप्त एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है और भविष्य की महिला नेतृत्व को प्रेरित करने वाली घटना मानी जा रही है।डॉ. डेका ने अपने विस्तृत प्रशासनिक करियर में बरपेटा, गोलाघाट, गोवालपारा, कोकराजार और नलबारी जिलों के उपायुक्त के रूप में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे सामान्य प्रशासन विभाग की आयुक्त और सचिव के रूप में भी कार्यरत रहीं। उनके नेतृत्व में अनेक जिलों व क्षेत्रीय पहलों से स्थानीय विकास और प्रशासनिक दक्षता में सुधार दर्ज किया गया। डॉ. डेका ने गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, असम क्षमता विकास अभियान और असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक (प्रक्रियात्मक) तथा सर्व शिक्षा अभियान की कार्यकारी निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारियाँ सम्भालीं। इसके अतिरिक्त वे स्वास्थ्य, नगरीय विकास, बोडो लैंड टेरिटोरियल काउंसिल, क्षमता विकास, सशक्तिकरण और उद्यम विकास जैसे विभागों में सचिव के पद पर रहीं। उन्होंने असम प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय और बोडोलैंड प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय के निदेशक के रूप में भी योगदान दिया। शैक्षिक रूप से डॉ. डेका ने कंप्यूटर साइंंस में बी.टेक, सिस्टम्स एंड ऑपरेशन्स में एमबीए (फाइनेंस सह-विशय), साथ ही एलएलबी और वाणिज्य में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल (आरके पुरी), गुवाहाटी की सेंट मैरीज़ स्कूल, बेंगलुरु के आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग और आईआईटी बॉम्बे से शिक्षा ग्रहण की। प्रारंभिक कैरियर में उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ और ANZ बैंक में व्यावसायिक विश्लेषक व अभियंता के रूप में कार्य किया। उन्होंने UPSC में 82वीं रैंक से भारतीय पुलिस सेवा व बाद में 16वीं रैंक से भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन पाया। डॉ. डेका को सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार, ई‑गवर्नेंस में दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार, जल प्रबंधन में दो राष्ट्रीय जल पुरस्कार और निर्वाचन व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ जिला निर्वाचनी अधिकारी के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें मुख्यमंत्री कार्यश्री पुरस्कार से भी नवाज़ा गया है। उनके कई नवाचारी प्रशासनिक उपायों को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, नीति आयोग, प्रशासनिक सुधार संस्थान और जन शिकायत विभाग जैसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने प्रशंसित किया है। विशेष रूप से कॉकरेझार का ‘एक जिला — एक उत्पाद’ मॉडल एवं पोषण कार्यक्रम में जनभागीदारी के अनुभवों को केस स्टडी के रूप में स्वीकार किया गया है। 2009 बैच के प्रशिक्षण के दौरान डॉ. डेका को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (मूषौरी) में उत्तर‑पूर्व की श्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी के रूप में एल.वी. रेड्डी स्मारक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। अब केंद्रीय सहायक सचिव पद के लिए उनकी नाम‑उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि असम में महिला प्रशासनिक नेतृत्व के नए अध्याय की शुरुआत भी मानी जा रही है।



