अवैध कॉलोनी पर जीडीए की कठोर कार्रवाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण प्रवर्तन जोन-8 की टीम ने मीरपुर हिंदू क्षेत्र में ताज सिटी फेज-17 और फेज-18 के नाम से विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में जेसीबी चलाकर किये गये निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष के निर्देश पर दोपहर करीब दो बजे शुरू हुआ ध्वस्तीकरण अभियान शाम करीब चार बजे तक चला। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर बिना स्वीकृत नक्शे के प्लॉटिंग कर कॉलोनी को अपने तरीके से विकसित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस दौरान बनाई गई आंतरिक सड़कें, नालियां, बाउंड्रीवॉल और प्लॉटों की डीपीसी सहित अन्य निर्माण कार्यों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।
करीब 300 प्लॉट विकसित करने की तैयारी
जीडीए के सहायक अभियंता अखिल मिश्रा के अनुसार, मीरपुर हिंदू क्षेत्र में ताज सिटी के नाम से लगभग 300 प्लॉटों की अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति लिए बिना कॉलोनी विकसित करने के लिए मौके पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जांच के बाद प्राधिकरण की टीम ने इसे नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी रही।
नोटिस के बाद भी जारी रहा निर्माण
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले संबंधित लोगों को पूर्व में ही निर्माण कार्य बंद करने का नोटिस दिया जा चुका था। इसके बावजूद कथित तौर पर निर्माण और प्लॉटिंग का कार्य जारी रखा गया। नोटिस की अनदेखी के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
प्लॉट खरीदने से पहले जांच की अपील
सहायक अभियंता अखिल मिश्रा ने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी अवैध कॉलोनाइजर या भूमाफिया के बहकावे में आकर प्लॉट न खरीदें। किसी भी कॉलोनी में जमीन अथवा प्लॉट खरीदने से पहले उसके लेआउट और मानचित्र की स्वीकृति तथा प्राधिकरण से संबंधित अन्य जरूरी जानकारी की जांच कर लें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानी के साथ क ई तरीके की अड़चन आ सकती है।


