बालाघाट
थाने में गर्भवती महिला से मारपीट के आरोप पर बवाल
मरार माली समाज ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन

थाने के घेराव के प्रयास पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, भांजी लाठियाँ
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : किरनापुर थाना पुलिस पर चोरी के एक मामले में पूछताछ के दौरान गर्भवती महिला और उसके पति के साथ कथित मारपीट किए जाने के आरोप को लेकर मंगलवार को किरनापुर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। घटना के विरोध में मरार माली समाज के लोगों ने रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों द्वारा थाना घेराव का प्रयास किए जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तथा लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है।
*चोरी के मामले में पूछताछ का मामला*
जानकारी के अनुसार, ग्राम टिमकीटोला निवासी सावित्री और उसके पति कैलाश को पोस्ट ऑफिस में हुई कथित चोरी के मामले में 2 सितंबर को किरनापुर थाना पुलिस पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी। समाज के लोगों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान दोनों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। आरोप यह भी है कि थाने में पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिला और उसके पति के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। बाद में दोनों की गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी सामने आई।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
*चार पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित*
घटना की शिकायत और सामने आए आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक स्तर से कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी है। इसके बावजूद मरार माली समाज का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। समाज ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
*प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव*
मंगलवार को इसी मांग को लेकर समाज के लोगों ने रैली निकाली और धरना दिया। प्रदर्शनकारी जब थाना घेराव के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है। घटनाक्रम के बाद किरनापुर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
*निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग*
मरार माली समाज के प्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा महिला और उसके पति को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मारपीट के आरोपों तथा प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




