बालाघाट
पंचायत सचिवों ने लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की उठाई मांग
संविलियन, समयमान वेतनमान, पदोन्नति कोटा, पुरानी पेंशन और स्वास्थ्य बीमा सहित 16 सूत्रीय मांगें शासन के समक्ष रखीं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन ने पंचायत सचिव संवर्ग की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों के शीघ्र निराकरण तथा शासन द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं के लंबित आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में शासन के समक्ष 16 सूत्रीय मांगें प्रस्तुत करते हुए कहा कि पंचायत सचिव ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संगठन के अनुसार, सीमित संसाधनों और लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद पंचायत सचिव शासन एवं ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। पंचायत सचिवों से उनके मूल दायित्वों के अतिरिक्त राजस्व एवं अन्य विभागीय प्रकृति के कार्य भी कराए जा रहे हैं, जबकि उनकी सेवा संबंधी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
प्रमुख मांगें
संगठन ने पंचायत सचिव संवर्ग का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन कर सेवा सुरक्षा और स्पष्ट सेवा शर्तें सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही स्वामित्व योजना, अधिकार अभिलेख, ई-केवाईसी तथा भूमि एवं संपत्ति संबंधी राजस्व प्रकृति के कार्य पंचायत सचिवों से नहीं कराए जाने और इन कार्यों की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अमले को सौंपने की मांग रखी गई है।
संगठन ने 3 अगस्त 2023 को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित पंचायत सचिव सम्मेलन सहित शासन द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं के लिखित आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। इसके अलावा पंचायत सचिवों को नियमानुसार समयमान वेतनमान का लाभ देने तथा वेतन विसंगतियों का निराकरण करने की मांग भी शामिल है।
पंचायत समन्वय अधिकारी (PCO) पद पर 50 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति कोटा लागू करने, 300 दिवस के अर्जित अवकाश के नकदीकरण, पंचायत सचिव एवं उनके परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा/आयुष्मान योजना का लाभ देने तथा प्रत्येक पंचायत सचिव का आयुष्मान कार्ड सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मनरेगा वसूली और पेंशन संबंधी मांगें
संगठन ने मनरेगा के अपूर्ण अथवा प्रगतिरत कार्यों में वास्तविक भौतिक प्रगति, गुणवत्ता और स्थल सत्यापन किए बिना पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों से वसूली नहीं किए जाने की मांग की है। पूर्व में की गई वसूली की भी नियमानुसार समीक्षा करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही पात्र पंचायत सचिवों के सेवाकाल की गणना नियुक्ति दिनांक से करने तथा लागू नियमों एवं न्यायालयीन निर्णयों के अनुरूप पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग रखी गई है।
अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति लाभ
संगठन ने सेवाकाल में दिवंगत पंचायत सचिवों के पात्र आश्रितों, विशेष रूप से लंबित मामलों में, शीघ्र अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त पात्र आश्रितों को CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए नियुक्ति दिनांक से दो वर्ष का समय देने तथा नियुक्ति के समय CPCT की अनिवार्यता में आवश्यक छूट देने की मांग भी की गई है।
सेवानिवृत्त पंचायत सचिवों के लंबित ग्रेच्युटी एवं NPS संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर देय राशि का भुगतान करने तथा सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 10 लाख रुपये करने की मांग संगठन ने की है।
अतिरिक्त कार्यों से मुक्ति और स्थायी शिकायत निवारण व्यवस्था की मांग
संगठन ने पंचायत सचिवों के मूल पंचायत दायित्वों के अतिरिक्त उन कार्यों को नहीं सौंपने की मांग की है, जिनके लिए संबंधित विभाग का पृथक अमला उपलब्ध है। प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट उत्तरदायित्व निर्धारित करने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा पंचायत सचिवों के कार्यभार और दीर्घ सेवा को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा एवं कर्मचारी हितैषी सेवा शर्तें सुनिश्चित करने तथा वेतन, पदोन्नति, सेवा अवधि, अवकाश, स्थानांतरण, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति जैसी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए शासन स्तर पर स्थायी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।
संगठन ने मुख्यमंत्री से पंचायत सचिवों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया है। संगठन का कहना है कि पंचायत सचिव वर्षों से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और उनकी मांगों का निराकरण सेवा सुरक्षा एवं सम्मानजनक सेवा शर्तों से जुड़ा विषय है।



