सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक के ठिकाने पर ईओडब्ल्यू का छापा
आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई, पत्नी के नाम पांच बसें समेत वाहन और संपत्तियों की जानकारी जुटाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : जिले के लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम नीमटोला निवासी एवं मनेरी सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के ठिकाने पर गुरुवार तड़के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर की टीम ने छापामार कार्रवाई की। डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों की टीम ने घर एवं संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच की।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान चौरे और उनके परिवार से संबंधित कई चल-अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें पत्नी के नाम पांच बसें, दो ट्रैक्टर, तीन दोपहिया वाहन और चार चारपहिया वाहन के अलावा एक मकान, बिसोनी में कृषि भूमि, विभिन्न बैंक खातों तथा एलआईसी एवं निजी बैंकों की बीमा पॉलिसियों से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए गए हैं।
डीएसपी मंजीत सिंह के अनुसार, विलास चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतनभोगी के रूप में पदस्थ हुए थे और वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। ईओडब्ल्यू के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, लगभग 12 वर्ष की सेवा अवधि में उनकी ज्ञात आय करीब 25 लाख रुपये रही, जबकि जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों का मूल्य उनकी ज्ञात आय की तुलना में काफी अधिक पाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है। विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोत का विस्तृत आकलन जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
वहीं, विलास चौरे ने कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने ईओडब्ल्यू की जांच में पूर्ण सहयोग करने की बात कही है। मामले में आगे की जांच के बाद ही आय और संपत्तियों के बीच वास्तविक अंतर तथा संबंधित दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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