
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में संबंधित अधिकारियों से निर्धारित अवधि के बाद सेवा प्रदान किए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि विलंब के लिए नियमानुसार उन पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के पांच दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें बालाघाट तहसीलदार छवि पंत, किरनापुर नायब तहसीलदार वर्षा झारिया तथा जनपद पंचायत परसवाड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.आर. उईके शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार छवि पंत एवं नायब तहसीलदार वर्षा झारिया के स्तर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को आय एवं संपत्ति का प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा के बाद एक दिन के विलंब से जारी किया गया। वहीं, समाधान एक दिवस-तत्काल सेवा के तहत एक आवेदक को चालू नक्शे की प्रतिलिपियां भी निर्धारित समय-सीमा के एक दिन बाद उपलब्ध कराई गईं।
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में संबंधित अधिकारियों से विलंब के कारणों का स्पष्ट स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार किए जाने की बात कही गई है।



