बरेली
बरेली में व्यापारियों ने निकाला पैदल मार्च, दिया नो-यूपीआई डे का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर लगने वाले एमडीआर का विरोध करते हुए व्यापारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर नो-यूपीआई डे का संदेश दिया। हाथों में विरोध की तख्तियां और बैनर लेकर व्यापारियों ने पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री राजेश जसोरिया के नेतृत्व में पूरे बरेली में नो-यूपीआई डे का आह्वान किया गया। पैदल मार्च का नेतृत्व महानगर उपाध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने किया।
इस मौके पर राजेश जसोरिया ने कहा कि व्यापारी सरकार द्वारा लगाए जा रहे अनेक प्रकार के टैक्सों से परेशान हो चुका है। सब्र का बांध टूट रहा है। सरकार व्यापारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। यह रैली सरकार को जगाने के लिए है। अगर उत्पीड़न और शोषण बंद नहीं हुआ तो व्यापारी सड़कों पर उतरेगा। उन्होंने कहा कि यूपीआई आम व्यापारी के लिए सुविधा का माध्यम बन गया है। नकद लेनदेन कम होने से छिनैती और लूट की घटनाएं कम हुई थीं। व्यापारी को यूपीआई से प्राप्त राशि का बिल काटकर जीएसटी देना होता है, फिर भी उसने स्वीकार किया। अब आधा प्रतिशत एमडीआर लगाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री व्यापारियों की आवाज को नजरअंदाज कर रही हैं। अगर 15 अक्टूबर से एमडीआर लगाया गया तो व्यापार मंडल बड़ा विरोध करेगा और जरूरत पड़ी तो भारत बंद का आह्वान भी करेगा। श्यामगंज चौराहे पर महानगर उपाध्यक्ष श्याम मिठवानी के नेतृत्व में व्यापारियों ने अपने यूपीआई स्कैनरों की होली जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन में महानगर युवा महामंत्री ईशन गुप्ता, मंडल युवा अध्यक्ष शुभम अग्रवाल, मुकुल मित्तल, स्टेशनरी मर्चेंट एसोसिएशन के अजय गुप्ता, अंकित अग्रवाल, सुभाष नगर व्यापार मंडल के रवि अरोड़ा, सौरभ श्रीवास्तव, केमिस्ट एसोसिएशन के अविनाश मित्तल, नमकीन संगठन के अनिल गुप्ता, निरंजन, कन्फेक्शनरी एसोसिएशन के गिरधारी देवनानी, किराना कमेटी के त्रिलोकी नाथ गुप्ता, मुकेश खटवानी, अंजनी गुप्ता, मनमोहन सब्बरवाल, दर्शन लाल भाटिया, राजेश कटिहा, संदीप सक्सेना, गीता पैलेस व्यापार समिति के अजय मुखिया, रजत गुप्ता, ओंकार सिंह आदि मौजूद रहे।



