मथुरा
वृंदावन से रूटों पर दौड़ेंगी 14 सीटर 100 इलेक्ट्रिक बसें, ई-रिक्शा मिलेगी राहत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी में चरमराई यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। श्रद्धालुओं को मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के लिए वृंदावन में चार रूटों पर 50 वातानुकूलित मिनी बसें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा 50 बसों का संचालन शहर के बाहर अन्य जिलों के रूट पर किया जाएगा। करीब दो महीने बाद शुरू होने वाली इन बसों का उद्देश्य ई-रिक्शा और आटो पर निर्भरता कम करना है। सिटी बस प्रभारी राधा कृष्ण बताते हैं कि सात मीटर लंबी मिनी बसों में 14 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। बसें सुबह से शाम तक निर्धारित रूटों पर लगातार चलेंगी। पहला रूट रुक्मिणी विहार मल्टीलेवल पार्किंग से प्रेम मंदिर, इस्कान, विद्यापीठ चौराहा और अटल्ला चुंगी होते हुए रंगजी मंदिर तक रहेगा। वापसी में भी इसी मार्ग से बसें चलेंगी। दूसरा रूट वैष्णो देवी मंदिर से प्रेम मंदिर, चैतन्य विहार ओवरब्रिज, मथुरा मार्ग और अटल्ला चुंगी होते हुए कात्यायनी मंदिर तक होगा। बसें इसी मार्ग से वापस लौटेंगी। 50 बसें रखने का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को लगातार सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो और मंदिरों तक पहुंचने के लिए आटो व ई-रिक्शा का सहारा कम लेना पड़े। वृंदावन से दूसरे शहरों के आवागमन के लिए भी 50 वातानुकूलित 12 मीटर की ई-बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। इनमें 42 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इन बसों की एक बार में करीब 300 किलोमीटर तक चलने की क्षमता बताई गई है। इनका संचालन वृंदावन से हाथरस, आगरा और जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है।



