
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में आयोजित रासलीला एवं भक्त लीला के तीसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन से पधारे स्वामी देवकीनंदन महाराज की मंडली द्वारा शिव-पार्वती विवाह का भव्य मंचन किया गया।
महाराज जी ने कथा सुनाते हुए बताया कि सती द्वारा सीता रूप में राम की परीक्षा लेने पर महादेव ने उनका त्याग कर दिया। पिता दक्ष के यज्ञ में अपमानित होने पर सती ने यज्ञ कुंड में प्राण दे दिए। क्रोधित शिव ने वीरभद्र प्रकट कर दक्ष का वध कराया। बाद में देवताओं के मनाने पर शिव ने दक्ष को जीवनदान दिया।
ताड़कासुर के वध के लिए शिव की समाधि भंग कराने हेतु कामदेव को भेजा गया। वहीं हिमालय के घर सती ने पार्वती के रूप में जन्म लिया। नारद जी के कहने पर पार्वती ने घोर तप किया, जिससे प्रसन्न होकर शिव ने विवाह प्रस्ताव स्वीकार किया। शिवरात्रि के दिन भूत-प्रेत, पिशाच, गंधर्व, नंदी सहित सभी गणों के साथ शिव बारात लेकर हिमालय के द्वार पहुंचे। सृष्टि के संतुलन और प्रेम-भक्ति के प्रतीक इस विवाह को देखकर हिमालय और मैना भयभीत हुए, फिर पार्वती को विदा किया।
मीडिया प्रभारी कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि शिव बारात बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, डमरू, झांझ-मजीरे के साथ निकली। भक्त सज-धज कर बारात में शामिल हुए, गुब्बारे सजाए गए और टॉफी-प्रसाद व खिलौने बांटे गए। भक्तों ने शंकर-पार्वती के जयकारे लगाए।
इस अवसर पर यजमान परिवार से सौरभ मेहरोत्रा (रमाडा होटल), अनिल अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, राजीव बूबना सहित कमेटी के जुगल किशोर साबू, मोहन गुप्ता, विकास शर्मा, कैलाश शर्मा, प्रेम शंकर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, नवीन गोयल, संजय शर्मा, आशीष मालू और मनोज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।




