
भगवान की भक्ति, सदाचार और आपसी प्रेम को जीवन में अपनाएं -जितेन्द्र जी महाराज
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : भरतपुर जिले के ऐतिहासिक शहरों में शामिल भुसावर शहर के हिण्डोन सड़क मार्ग स्थित यूको बैंक के पास सेठ गुजरमल चैरिटेबल ट्रस्ट धर्मशाला में शिवसेवा मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में 30 सितम्बर से 06 अक्टूबर तक आयोजित हो रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीशिव महापुराण कथा में जयपुर से पधारे हुए कथा वाचक जितेन्द्र जी महाराज ने भगवान शिव के विभिन्न रुपों की कथा का उपस्थित सैकड़ों श्रद्वालुओ को रसपान दोपहर एक बजकर पन्द्रह मिनिट से सांय 05 बजकर 15 मिनिट तक करवाया। जहां उपस्थित श्रद्वालुओ ने भी भगवान के मधुर भजनों पर नृत्य कर अपनी हाजिरी लगाकर मनोकामनाएं मांगी गई। वहीं संगीतमय शिवमहापुराण कथा का आज 07 अक्टूबर बुधवार को कथा का समापन शिवकान्त स्वामी जी द्वारा वैदिक मन्त्रोंच्चार हवन यज्ञ और पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। जिसमें सैकड़ों शिव भक्तों ने जोड़े एवं एकल में आहुतियां प्रदान की गई। वहीं शिव महापुराण कथा के समापन पर अपने आशीर्वचन में कथा वाचक जितेन्द्र जी महाराज ने श्रद्वालुओ को सनातन धर्म के सिद्धांतों का पालन करते हुए भगवान भोलेनाथ जी की भक्ति, सदाचार और आपसी प्रेम को जीवन में अपना नाम चाहिए। वहीं उन्होंने जोर दिया की धर्म भक्ति और सद्भाव के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति के जीवन में सुख, शान्ति और समृद्धि आती है। वहीं सेठ गुजरमल धर्मशाला में चल रही संगीतमय श्रीशिव महापुराण कथा के समापन और विदाई के समय श्रद्वालु भावुक हो गए और कई भक्तों की आंखें नम थी। वहीं कथा के दौरान पूरा कथा स्थल हर हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। वहीं सेठ गुजरमल चैरिटेबल ट्रस्ट में शिवसेवा मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुई संगीतमय शिवमहापुराण कथा का समापन भण्डारा, प्रसादी के साथ हुआ। जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी में प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर सभी भक्तों का सराहनीय और विशेष सहयोग रहा।



