राम जन्म की लीला के मंचन पर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। मंदिर हनुमान टीला हनुमान धाम पर आयोजित 57वें रामलीला महोत्सव में बुधवार देर रात भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का भव्य एवं मनोहारी मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने राम जन्मोत्सव के प्रसंग को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। राम जन्म होते ही पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला के प्रथम दृश्य में महाराज दशरथ का दरबार लगाया गया। महाराज दशरथ को चिंतित देखकर गुरु वशिष्ठ ने उनकी चिंता का कारण पूछा। राजा दशरथ ने संतान न होने का दुख गुरु वशिष्ठ के समक्ष व्यक्त किया। इस पर गुरु वशिष्ठ ने उन्हें ऋषि श्रृंगी के पास जाकर पुत्र प्राप्ति का उपाय पूछने की सलाह दी। राजा दशरथ ऋषि के पास पहुंचे। ऋषि ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराने का सुझाव दिया।
राजा दशरथ ने विधि-विधान से यज्ञ कराया। यज्ञ से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें खीर से भरा कटोरा प्रदान किया और तीनों रानियों को खिलाने के लिए कहा। राजा दशरथ ने खीर का प्रसाद माता कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को खिलाया। इसके बाद माता कौशल्या को स्वप्न में भगवान श्रीनारायण के दर्शन हुए। भगवान ने माता कौशल्या से कहा कि वह मानव रूप में उनके गर्भ से जन्म लेंगे और उन्हें माता बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
इसके कुछ समय बाद माता कौशल्या ने भगवान श्रीराम, कैकेयी ने भरत तथा सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। राम जन्म के साथ ही अयोध्या में उत्सव का माहौल छा गया। राजा दशरथ ने महल को भव्य रूप से सजवाया और राज्य में मिठाई, फल व वस्त्र वितरित कराए। बधाई मांगने पहुंचे किन्नरों के सुंदर नृत्य ने श्रद्धालुओं का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति पर दर्शक भावविभोर होकर झूम उठे।
इस अवसर पर अंकित गोयल, सलील द्विवेदी, राजकुमार मित्तल, आकाश धीमान, उज्ज्वल नामदेव, धैर्य भारद्वाज, विकास राणा, रवि पाठक, राधेश्याम मित्तल, सुदेश कुमार आदि मौजूद रहे।



