
होटलों-ढाबों की रसोई की नियमित जांच पर जोर
तीन बार इस्तेमाल तेल से बनेगा बायोडीजल, सब्जियों में पेस्टिसाइड की भी होगी जांच
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर प्रवर्तन कार्रवाई करने, होटलों और ढाबों की रसोई की नियमित जांच कराने तथा बाजार में चाइनीज लहसुन की बिक्री पर रोक लगाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत में सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय ने चालू वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत प्रगति पर अपर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमित निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए। एडीएम ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कराया जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की प्रथम दृष्टया पहचान और जांच के संबंध में कार्यशाला आयोजित कराने का अनुरोध किया। अपर जिलाधिकारी ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए, ताकि संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों को मिलावट की प्रारंभिक पहचान के संबंध में जानकारी दी जा सके। जिला पूर्ति अधिकारी ने बाजार में चाइनीज लहसुन की बिक्री पर रोक लगाने और आम लोगों को इसकी पहचान के संबंध में जागरूक करने के लिए वीडियो जारी किए जाने का अनुरोध किया। इस विषय पर बाजार स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा हुई। कृषि विभाग के प्रतिनिधि रंजीत कुमार चौधरी ने सब्जियों के उत्पादन में इस्तेमाल किए जा रहे पेस्टिसाइड और इंसेक्टिसाइड की मात्रा की जांच कराने का सुझाव दिया। बैठक में निर्धारित सीमा से अधिक रसायनों के इस्तेमाल से बचाव के लिए निगरानी और जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया। स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि सम्भव सिंघई ने होटलों और ढाबों की किचन की नियमित जांच कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्वच्छता और रसोई की स्थिति की नियमित निगरानी किए जाने का अनुरोध किया। बैठक में उपायुक्त उद्योग ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालन के लिए उद्योग विभाग की ओर से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत उद्योग विभाग में आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। बैठक में खाद्य तेल के दोबारा इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि तीन बार इस्तेमाल हो चुके यूज्ड कुकिंग ऑयल को एकत्र कराया जाए और उसे उचित संस्था को भेजा जाए, ताकि उसका उपयोग बायोडीजल निर्माण में किया जा सके। इससे इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के उचित निस्तारण के साथ उसके फिर से उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।



