असम के नगांव जिले के 3,306 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक साथ ‘आंगन मिलन सेवा’ आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न।

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
असम के नगांव जिले में रविवार को जिले की समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 14 समेकित बाल विकास परियोजनाओं के तहत 3,306 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एकसमान रूप से ‘आंगन मिलन सेवा’ सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य तृणमूल स्तर पर सेवा वितरण को सुदृढ़ करना, सरकारी कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना बताया गया है। कार्यक्रम के तहत कलियाबर विधानसभा क्षेत्र में राज्य के राजस्व तथा विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री केशव महंत तथा कलियाबर समजीला के आयुक्त तेजस अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं ढिंग विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में विधायक मेहबूब मुक्तार ने भाग लिया। नगांव, बटद्रवा, रहा , रूपही और चामगुरी विधानसभा क्षेत्रों में भी क्षेत्रीय प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, नगर परिषद प्रतिनिधियों, महिला मोर्चा के सदस्यों और जिलाधिकारी कार्यालय के संबंधित अधिकारियों सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन में प्रत्येक परियोजना क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, आत्म-निर्भरता समूह (Self-Help Groups) के सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएँ तथा विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थी सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं को चेक वितरित किए गए और उनके अतुलनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से आभार पत्र व विशेष सम्मान प्रदान किया गया। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर लाभार्थियों को पोषण संबंधी सामग्री वितरित की गई, ताकि पोषण सुरक्षा को धरातल पर मजबूत किया जा सके। जिलाधिकारी व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य सेवा वितरण में पारदर्शिता व गति लाना तथा समुदाय-स्तर पर स्वयंसेवी भागीदारी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रभाव बढ़ाना है। नगांव ज़िला समाज कल्याण अधिकारी भोलानाथ पेगू ने कहा कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजन किया गया है ताकि आंगनबाड़ी सेवाओं को और गतिशील बनाया जा सके तथा स्थानीय स्तर पर काम कर रहे अग्रणी कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने आगे बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की पहलों से स्थानीय समुदायों में स्व-सहायता और निरीक्षण दोनों मजबूत होंगे, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास और कल्याण को और सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर सेवा, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के संधारण में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

