सिंगरौली

नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में ठेका श्रमिकों का शोषण करने का आरोप

लिखित समझौते के पालन की मांग पर धरना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

सिंगरौली। एनसीएल के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय, जयंत में कार्यरत संविदा एवं ठेका श्रमिक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए हैं। मध्य प्रदेश कन्स्ट्रक्शन्स मजदूर महासंघ के बैनर तले श्रमिकों ने अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। महासंघ का आरोप है कि त्रिपक्षीय वार्ता में हुए लिखित समझौते के बावजूद श्रमिकों की अधिकांश मांगों पर अब तक अमल नहीं किया गया है।
महासंघ के अनुसार, श्रमिकों की समस्याओं को लेकर 25 अगस्त 2026 को अस्पताल प्रबंधन के प्रबंधक दुर्गेश प्रसाद वर्मा और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। इसमें श्रमिकों के हितों से जुड़े 5 बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी थी। आरोप है कि समझौते के तहत महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान की शर्त को भी आंशिक रूप से लागू किया गया, जबकि अन्य मांगें अब तक लंबित हैं।
श्रमिकों का कहना है कि केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत होने के बावजूद उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा अधिकांश ठेका श्रमिकों को न्यूनतम बोनस का भुगतान नहीं किए जाने का आरोप है। श्रमिकों को दिए जाने वाले हाजिरी कार्ड में संबंधित ठेकेदार या फर्म का नाम दर्ज नहीं होने और निर्धारित प्रारूप में मासिक वेतन पर्ची नहीं दिए जाने की शिकायत भी उठाई गई है।महासंघ के प्रदेश मंत्री सुनील यादव ने इन समस्याओं को लेकर सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), शहडोल को पत्र लिखकर अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की थी। महासंघ का कहना है कि शिकायत के बावजूद श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई।
धरने पर बैठे श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक त्रिपक्षीय वार्ता में तय सभी 5 बिंदुओं को लागू नहीं किया जाता और उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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